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अब कालिंदी के जल से स्नान नहीं करेंगे ठाकुर जी, जानिए वजह

श्री कृष्ण जन्मस्थान सहित अन्य प्राचीन मंदिरों में ठाकुर जी के विग्रहों के स्नान के लिए सबमर्सिबल के पानी के इस्तेमाल की व्यवस्था मंदिर प्रबंधन कर रहा है।

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मथुरा

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Amit Sharma

Jun 17, 2019

baihari Ji

अब कालिंदी के जल से स्नान नहीं करेंगे ठाकुर जी, जानिए वजह

मथुरा। भगवान श्रीकृष्ण की पटरानी यमुना भगवान श्री कृष्ण से दूर होती जा रही हैं। कालिंदी का कलुष श्री कृष्ण की सेहत को नुकसान न दे इसलिए यमुना जल से भगवान का स्नान पूरी तरह है बंद कर दिया गया है। विश्व प्रसिद्ध बांके बिहारी मंदिर के साथ-साथ द्वारकाधीश ट्यूबवेल और आरों के पानी से नहलाए जा रहे हैं। श्री कृष्ण जन्मस्थान सहित अन्य प्राचीन मंदिरों में ठाकुर जी के विग्रहों के स्नान के लिए सबमर्सिबल के पानी के इस्तेमाल की व्यवस्था मंदिर प्रबंधन कर रहा है।

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यमुना जल को प्यूरिफाई कर तैयार की जाती है रसोई
कृष्ण की पटरानी यमुना में प्रदूषण बढ़ने लगा तो ठाकुर जी की प्रतिमा को कोई खतरा न हो इस आशंका में प्रमुख मंदिरों में यमुना जल मंगाना बंद कर दिया है । पहली बारिश के बाद साफ पानी होने पर यमुना जल का उपयोग मंदिरों में होता था लेकिन कई मंदिरों में इस मौसम में भी इस पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। द्वारिकाधीश मंदिर, श्री कृष्ण जन्म स्थान और बांके बिहारी मंदिर ऐसे मंदिरों में शामिल हैं जो यमुना जल का उपयोग किया करते थे और आज यमुना जल का उपयोग करने पर पूर्णतया प्रतिबंध लगा दिया गया है। बांके बिहारी मंदिर के सेवायत मयंक गोस्वामी और आशीष गोस्वामी ने बताया कि यमुना का जल सुबह रसोइया लेकर आता है और वह यमुना जल को पहले प्यूरिफाई करता है उसके बाद ठाकुर बांके बिहारी का अभिषेक किया जाता है और उनका जो प्रसाद भोग है वह प्यूरिफाई किए हुए यमुना जल से बनता है।

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अभिषेक और रसोई बनती थी यमुनाजल से
कहते हैं वैष्णव संप्रदाय के मंदिरों में यमुना जल के बिना कोई काम नहीं किया जाता। यहां तक कि प्रसाद और रसोई भी यमुना जल से तैयार होती थी। भगवान द्वारिकाधीश मंदिर और श्रीकृष्ण जन्मस्थान के लिए रोजाना तांबे के पात्र में यमुना जल प्रातः ठाकुर जी के अभिषेक के लिए पहुंचाया जाता था। श्री कृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के सचिव कपिल शर्मा से जब बात हुई तो उन्होंने बताया कि पतित पावनी यमुना नदी का निर्मल जल आज इतना दूषित हो गया है। ठाकुर जी को स्नान नहीं करा सकते। सबको मिलकर यमुना को प्रदूषण मुक्त कराने के लिए कठोर कदम उठाने होंगे।