
मऊ जनपद के दौरे पर आए प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) व जिले के प्रभारी मंत्री गिरीश चंद्र यादव ने ऊर्जा क्षेत्र में पिछले आठ वर्षों में हुए क्रांतिकारी बदलावों की चर्चा की। उन्होंने कहा कि “एक समय था जब पूरे प्रदेश में सिर्फ 8 वीवीआईपी जिलों को ही बिजली मिलती थी, बाकी जिले अंधेरे में रहते थे। वह वीवीआईपी कल्चर अब खत्म हो चुका है।”
मंत्री यादव ने साफ कहा कि योगी आदित्यनाथ सरकार बनने के बाद बिजली वितरण में समानता लाई गई है और अब हर जिले को बिना भेदभाव के बिजली मिल रही है।
उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि “पहले जहां अधिक वोट मिलते थे, वहीं बिजली दी जाती थी। आम जनता को बिजली के लिए प्रदर्शन करने पड़ते थे। ट्रांसफार्मर खराब होने पर लोग चंदा इकट्ठा करके खुद ट्रांसफार्मर लेजाते लाते थे, तब जाकर व्यवस्था बहाल होती थी।” अब ऐसा नहीं है – "आज सरकार खुद ट्रांसफार्मर बदलवा रही है और जनता को चंदा जुटाने की जरूरत नहीं पड़ती," उन्होंने भरोसा दिलाया।
विद्युत उपभोक्ताओं के खिलाफ FIR पर बड़ी बात
जब मंत्री से उपभोक्ताओं पर दर्ज हो रहे मुकदमों पर सवाल किया गया तो उन्होंने स्पष्ट किया कि “अगर किसी उपभोक्ता के नाम पर कनेक्शन है और कोई अनियमितता पाई जाती है, तो FIR दर्ज नहीं होगी। ऐसी स्थिति में केवल लोड बढ़ाकर समाधान किया जाएगा।”
मंत्री गिरीश चंद्र यादव के इन बयानों ने जहां एक ओर बिजली व्यवस्था में सुधार को रेखांकित किया, वहीं सरकार की जन-हितैषी और भेदभाव-रहित नीति को भी उजागर किया।
Published on:
28 May 2025 01:37 pm
