
किसान आंदोलन
पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क
गाजियाबाद ( ghazibad news ) यूपी दिल्ली बॉर्डर ( गाजीपुर टोल ) पर हाेने वाली किसानों की महापंचायत काे लेकर अलर्ट जारी कर दिया गया है। किसान इस महापंचायत में आगे की रणनीति तय करेंगे। महापंचायत में शामिल होने के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जनपदों से बड़ी संख्या में किसान यूपी गेट की ओर रवाना हो रहे हैं जिन्हें रोकने के प्रयास पुलिस की ओर से किए जा रहे हैं।
भारतीय किसान यूनियन मेरठ मंडल के महामंत्री नरेश चौधरी के अनुसार सरकार किसानों की बात नहीं मान रही। पिछले करीब एक माह से किसान अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं। अभी तक किसानों का धरना शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा है लेकिन आगे इस धरने को क्या रूप देना है इसी को लेकर महापंचायत बुलाई गई है।
यह भी पढ़ें: सिसौली के लाल की शहादत पर नहीं जला घरों में चूल्हा
भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश प्रवक्ता राकेश टिकैत ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश के गांव गांव से किसानों को यूपी दिल्ली बॉर्डर पर पहुंचने के लिए कहा है। उन्होंने मेरठ समेत गाजियाबाद, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर, शामली, बागपत, हापुड़, बुलंदशहर और बिजनोर के अलावा अन्य जिलों कि किसानों से भी दिल्ली पहुंचने का आह्वान किया है। इस महापंचायत में कम से कम किसान पहुंचे इसके लिए मेरठ जोन में अलर्ट जारी कर दिया गया है। पुलिस गांव गांव जाकर किसानों को रोकने का काम कर रही है। किसानों को बीच रास्ते में भी रोकने की पूरी तैयारी है।
मेरठ जनपद के नोडल अधिकारी एडीजी राजीव सब्बरवाल ने मेरठ जोन के सभी जिलों के पुलिस कप्तानों को निर्देश दिए हैं कि 30 दिसंबर को गाजियाबाद की ओर जाने वाले किसानों को रोका जाए, उनसे बात की जाए। किसान नेताओं से बात की जाए और टोल प्लाजा पर भी निगरानी रखी जाए। किसानों को रोकने के लिए अलग-अलग बॉर्डर पर बैरियर बनाए गए हैं। खुद एडीजी ने बिजनौर बैराज बॉर्डर का निरीक्षण किया और अन्य जिलों के कप्तानों को भी निर्देशित किया कि वह अपने बॉर्डर पर निगरानी रखेंगे और किसानों को गाजियाबाद पहुंचने से रोकने की पूरी कोशिश करेंगे।
Updated on:
29 Dec 2020 09:36 pm
Published on:
29 Dec 2020 09:20 pm
बड़ी खबरें
View Allमेरठ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
