
पश्चिमी उत्तर प्रदेश और एनसीआर के खूंखार गैंगस्टर अनिल दुजाना पर 62 मामले दर्ज हैं। अनिल दुजाना गाजियाबाद के गांव दुजाना का रहने वाला था।
80 के दशक का कुख्यात सुंदर डाकू भी दुजाना गांव था। जिसने कभी पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को मारने की धमकी दी थी।
सुंदर नागर उर्फ सुंदर डाकू के नाम से जाना जाता था दुजाना
बादलपुर का दुजाना गांव 70 और 80 के दशक में कुख्यात सुंदर नागर उर्फ सुंदर डाकू के नाम से जाना जाता था। सत्तर और अस्सी के दशक में सुंदर का दिल्ली-एनसीआर में खौफ था।
सुंदर डाकू से प्रभावित होकर इसी दुजाना गांव से अनिल नागर उर्फ अनिल दुजाना अपराध की दुनिया में आया। पुलिस रिकॉर्ड में 2002 में गाजियाबाद के कवि नगर थाने में इसके खिलाफ हरबीर पहलवान की हत्या का पहला मुकदमा दर्ज हुआ।
सुंदर पर कातिलाना हमला
पश्चिमी यूपी में गैंगवार की शुरूआत महेंद्र फौजी और सतबीर गुर्जर की अदावत से हुई। इसके बाद सुंदर भाटी और नरेश भाटी के बीच गैगवॉर शुरू हुई। दोनों सतबीर गैंग के ही सदस्य थे। सुंदर ने जिला पंचायत अध्यक्ष बन चुके नरेश भाटी की 2004 में हत्या कर दी थी।
नरेश भाटी के भाई रणदीप और भांजे अमित कसाना ने बदला लेने की नियत से अनिल दुजाना के साथ साहिबाबाद स्थित भोपुरा में नवंबर 2011 को सुंदर भाटी के साले की शादी एके 47 से फायरिंग की थी। जिसमें तीन लोग मारे गए। लेकिन सुंदर भाटी बच निकला।
गैंगस्टर अनिल दुजाना को एसटीएफ ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया है। जानकारी के अनुसार कुख्यात अनिल दुजाना के मेरठ में भोला झाल पर सक्रिय होने की पुख्ता जानकारी होने के बाद एसटीएफ ने उसे चारों ओर से घेर लिया।
बताया गया कि पुलिस पर फायरिंग करते हुए वह फरार होने की कोशिश कर रहा था। इसी बीच पुलिस की गोली लगने से उसकी मौत हो गई।
2021 में जेल से बाहर आने के बाद से था फरार
लूट और हत्या के आरोपी अनिल दुजाना पर नोएडा में 50 हजार का इनाम था। वह 2012 में जेल गया था। उसके बाद 2021 में उसकी जमानत हुई थी।
पुराने केसों में पेश नहीं होने से अदालत से अनिल दुजाना के खिलाफ गैरजमानती वॉरंट जारी कर रखा था। उसके बाद से अनिल दुजाना फरार चल रहा था।
Updated on:
04 May 2023 04:32 pm
Published on:
04 May 2023 04:31 pm
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