
अयोध्या मस्जिद में नमाज से फैसले के कुछ घंटे पहले बीजेपी विधायक के घर ग्रेनेड से हमला और फायरिंग, बाल-बाल बचे, लेकिन हमले के लिए जिम्मेदर कौन?
मेरठ। उत्तर प्रदेश में आज का दिन काफी अहम हैं जहां एक ओर अयोध्या में बाबरी मस्जिद को लेकर अहम सुनवाई होनी है ठीक उससे कुछ घंटे पहले बीजेपी के फायर ब्रांड नेता के घर पर ग्रेनेड से हमला हुआ। इस हमले के बाद जहां बीजेपी में हड़कंप मच गया वहीं आज मस्जिद मामले में आज आने वाल फैसले को लेकर भी तमाम हिंदू संगठनों और नेताओं की नजरें गड़ी हुई हैं। लेकिन हैरानी की बात ये है कि एक ओर जहां इतने बड़े मुद्दे पर फैसला आना है उससे पहले बीजेपी नेता पर हमला कौन करा सकता है।
दरअसल बीजेपी नेता संगीत सोम अक्सर अपने विवादित बयान को लेकर सुर्खियों में रहते हैं। लेकिन बीती रात मेरठ के सरधना से विधायक संगीत सोम की कोठी पर ग्रेनेड से हमला हुआ इसके साथ ही बताया जा रहा है कि अज्ञात लोगों ने फायरिंग भी की। हालाकि गनीमत रही की विधायक संगीत सोम बाल-बाल बच गए और ग्रेनेड बम ब्लास्ट नहीं हो सका। मौके पर पहुंच कर पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है। बताया जाता है कि हमलावर एक स्विफ्ट गाड़ी में सवार होकर आए थे। वहीं विधायक का कहना है कि उन्हें इससे पहले किसी भी तरह की धमकी नहीं मिली थी न हीं फोन कॉल आया था। हालाकि उन्होंने बताया कि दो साल पहले किसी ने धमकी दी थी।
एक ओर बीजेपी जहां इस हमले के बाद हैरान है वहीं दूसरी ओर बीजेपी के राम मंदिर बनाने की कवायद के लिए आज का दिन अहम हैं क्योंकि वहीं सुप्रीम कोर्ट आज अयोध्या के रामजन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद से जुड़ा फैसला सुनाएगा। मामला 1994 के केस से जुड़ा है जिसमें कोर्ट ने एक मामले पर सुनवाई करते हुए कहा था कि नमाज पढ़ने के लिए मस्जिद इस्लाम का अभिन्न हिस्सा नहीं है। यानी नमाज के लिए मस्जिद की जरूरत नहीं हैं. मस्जिद को इस्लाम का अभिन्न हिस्सा न मामले वाले 1994 के इस्माइल फारुकी फैसले पर पुनर्विचार की मांग पर अब सुप्रीम कोर्ट सुनाएगा फैसला। आज आने वाले फैसला अयोध्या राम मंदिर विवाद पर काफी असर डालेगा क्योंकि अगर सुप्रीम कोर्ट पुनर्याचिका के लिए संविधान पीठ के पास मामला भेजती है तो पहले इस पर सुनवाई होगी जिसकी वजह से मुख्य केस यानी अयोध्या बाबरी विवाद पर फैसले में और देरी होगी। जो की बेजेपी के लिए ठीक नहीं हैं क्योंकि पार्टी ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव में राम मंदिर को जल्द से जल्द बनाने का वादा किया था। लेकिन 2019 चुनाव से पहले इस पर अब फैसला मुश्किल लग रहा है।
Updated on:
27 Sep 2018, 11:22 AM IST
Published on:
27 Sep 2018, 11:04 AM IST
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.