
राज्यपाल ने मेधावियों को सम्मानित करने के बाद कही एेसी बात, देर तक तालियाें से गूंजता रहा हाॅल
मेरठ। चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ का 30वां दीक्षांत समारोह विवि के प्रेक्षागृह में शुरू हो गया। मौसम खराब होने के कारण प्रदेश के राज्यपाल राम नाइक का हेलिकाॅप्टर 15 मिनट देरी से उतरा। कार्यक्रम स्थल पर मंच पर पहुंचते ही राज्यपाल का जोरदार स्वागत किया गया। इसके बाद राज्यपाल राम नाइक ने कार्यक्रम शुरू करने की अनुमति दी। कार्यक्रम शुरू होने के बाद छात्रों को मेडल और उपाधि बांटने का प्रथम सत्र आरंभ हुआ। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भारतीय दार्शनिक अनुसंधान परिषद नई दिल्ली के अध्यक्ष प्रो. एसआर भट्ट भी देर से कार्यक्रम में पहुंचे।
इस छात्रा को मिले सर्वाधिक पदक
दीक्षांत समारोह में इतिहास विभाग की मेधावी छात्रा अंशू को सर्वाधिक चार पदक प्रदान किए गए। छात्रा अंशू को राज्यपाल रामनाइक द्वारा चारों पदक प्रदान किए गए। दीक्षांत समारोह को लेकर चौधरी चरण सिंह विवि के छात्रों में काफी उत्साह देखा गया। छात्रों ने बताया कि यह पहली बार है कि उनके पूरे शैक्षिक सत्र के दौरान प्रतिवर्ष दीक्षांत समारोह का आयोजन हुआ। यह किसी भी विवि के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। राज्यपाल राम नाइक मेधावियों को मंच से मेडल प्रदान किये। राज्यपाल ने छात्रों को उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं दी।
आर्मी बैंड की धुनाें के बीच गार्ड आफ आॅनर
विवि परिसर में राज्यपाल का हेलिकाॅप्टर उतरने के बाद आर्मी बैंड ने मधुर धुन बजानी शुरू की। राज्यपाल को कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने से पहले एनसीसी कैडेटस ने गार्ड आफ आनर प्रदान किया। इसके बाद आर्मी बैंड की धुन के बीच ही राज्यपाल को कार्यक्रम स्थल तक ले जाया गया।
इतने मेधावियों को मिला सोना
इस बार के दीक्षांत समारोह में कुछ 199 मेधावियों को स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। राज्यपाल और विवि के कुलाधिपति राम नाईक ने मंच से 39 मेधावियों को मेडल देकर सम्मानित किया। इसके बाद दूसरे चरण में अन्य मेधावियों को कुलपति की ओर से मेडल दिया जाएगा।
ओवरआल टापर आकांशा को कुलाधिपति रजत
वर्ष 2018 के ओवरआल टॉपर छात्र आकांक्षा को कुलाधिपति रजत पदक प्रदान किया गया। 139 को कुलपति स्वर्ण पदक, 49 को प्रायोजित स्वर्ण पदक, 158 को विशिष्ट योग्यता प्रमाणपत्र, दो को किसान ट्रस्ट से चरण सिंह स्मृति प्रतिभा पुरस्कार प्रदान किया गया। वर्ष 2017 में उत्तीर्ण आठ छात्रों को कुलपति स्वर्ण पदक, दो को प्रायोजित स्वर्ण पदक और 10 को विशिष्ट योग्यता प्रमाणपत्र दिया गया। राज्यपाल और विवि के कुलाधिपति ने कहा कि छात्र देश की धरोहर होते हैं। इन्हें शिक्षक जैसा सहेजकर रखेंगे वैसा ही ये बनेंगे। उन्होंने कहा कि आज के माहौल में शिक्षकों की जिम्मेदारियां और बढ़ जाती हैं। मेधावियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि जाओ भारत के खुले आसमान में उड़ो देश आपका इंतजार कर रहा है। राज्यपाल की इस बात पर हाॅल में देर तक तालियां बजती रही।
Updated on:
24 Sep 2018, 1:39 PM IST
Published on:
24 Sep 2018, 1:39 PM IST
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