
मेरठ। बसपा सुप्रीमो मायावती के कभी खास रहे पूर्व विधायक योगेश वर्मा और उनकी पत्नी महापौर सुनीता वर्मा ने पार्टी से निष्कासन होने के बाद पार्टी छोडऩे वालों की भीड़ जुटाई और बसपा छोड़ो अभियान शुरू किया। उन्होंने पार्टी कोऑर्डिनेटर और प्रदेश अध्यक्ष पर आरोप लगाए और बहन जी को गुमराह करके बसपा को खत्म करने का आरोप लगाया। पूर्व विधायक और उनकी पत्नी ने समाज और समर्थकों से हर समय साथ रहने का आश्वासन देते हुए जल्द ही आगे की रणनीति तय करने का ऐलान किया। इस शक्ति प्रदर्शन में योगेश वर्मा के समर्थन में ठाकुरद्वारा के पूर्व विधायक विजय यादव समेत कई बसपा नेताओं ने भी पार्टी छोडऩे का ऐलान किया। साथ ही मेरठ से बसपा छोडऩे वाले नेताओं की सूची सार्वजनिक की गई।
पिछले दिनों पूर्व विधायक योगेश वर्मा और उनकी पत्नी महापौर सुनीता वर्मा को पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। दोनों के समर्थन में स्थानीय स्तर पर कई बसपा नेता इस्तीफा दे चुके हैं। अपने शक्ति प्रदर्शन के मद्देनजर पूर्व विधायक योगेश वर्मा ने मंगलवार को बेगमपुल स्थित एसजीएम गार्डन में सभी असंतुष्टों को आमंत्रित किया था। यहां आयोजित कार्यक्रम में योगेश वर्मा ने समर्थकों से कहा कि हमने मिलकर अन्याय के खिलाफ लड़ाई लड़ी। समाज हित में मैं छह माह के लिए जेल में रहा और अत्याचार भी सहे। पार्टी के बड़े नेताओं को ये याद नहीं, लेकिन मुझे और मेरे समर्थकों को सब याद है, इसी कारण बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता बसपा को अलविदा कह रहे हैं।
बसपा के पूर्व विधायक योगेश वर्मा ने कहा कि आठ साल पहले भी मुझे पार्टी से निकाला गया था। उस समय बसपा के नेताओं ने अनुसूचित जाति के लोगों पर लाठियां बरसाई थी। उस वक्त भी यही कोऑर्डिनेटर थे। योगेश वर्मा ने बसपा प्रदेश अध्यक्ष मुनकाद अली पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके प्रदेश अध्यक्ष बनते ही हमने समझ लिया था कि अब एक बार फिर मुस्लिमों और अनुसूचित जाति के लोगों पर अत्याचार होंगे और वही हुआ। बहन जी को गुमराह करके हमें पार्टी से निकलवा दिया गया। महापौर सुनीता वर्मा ने कहा कि हमारे साथ अन्याय हुआ है। मेरठ की जनता ने हमें महापौर बनाया है। हम दलगत राजनीति से ऊपर उठकर जनता के हितों की लड़ाई लड़ेंगे। विकास कराया जाएगा। बसपा पूरी तरह खत्म हो रही है।
पूर्व विधायक ठाकुरद्वारा विधानसभा विजय यादव ने कहा कि हमने बसपा से इस्तीफा दे दिया है। कोऑर्डिनेटरों की कार्यप्रणाली के कारण बसपा खत्म हो गई है। शीघ्र ही संभल, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली और शाहजहांपुर तक से बड़ी संख्या में बसपा के नेता पार्टी को छोडऩे वाले हैं, क्योंकि बसपा में कुछ लोग बहनजी को गुमराह कर रहे हैं।
Updated on:
27 Nov 2019 08:48 am
Published on:
27 Nov 2019 08:26 am

बड़ी खबरें
View Allमेरठ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
