
अगले लोकसभा चुनाव में इतनी सीटें जीतेगा सपा और बसपा का गठबंधन
मेरठ। भाजपा की दो दिवसीय कार्यसमिति की बैठक का रविवार को मेरठ में समापन हो गया। इसमें गृहमंत्री राजनाथ सिंह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगा आदित्यनाथ और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह समेत कई सांसद, विधायक और मंत्री मौजूद रहे। बैठक को लेकर विपक्ष ने भी तंज कसे हैं।
74 प्लस सीटें जीतने का लक्ष्य
दरअसल, भाजपा की उत्तर प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में अगले लोकसभा चुनाव में 74 प्लस सीटें जीतने का लक्ष्य रखा गया। इसको लेकर सपा, बसपा और कांग्रेस ने भाजपा पर निशाना साधा है। सपा और बसपा का कहना है कि सीट तो इतनी ही आएंगी लेकिन ये सीट सपा और बसपा गठबंधन की होंगी।
गठबंधन की होंगी सीटें
इस बारे में बसपा के मुख्य जोन इंचार्ज कमल राज सिंह का कहना है कि सपा और बसपा के गठबंधन से भाजपा डरी हुई है। भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश प्रदेश की 80 में से 74 से ज्यादा सीट जीतने का लक्ष्य रखा है लेकिन ये सीटें भाजपा नहीं बल्कि सपा और बसपा गठबंधन की होंगी।
10 से ज्यादा सीट नहीं जीत पाएगी भाजपा
वहीं, बैठक को लेकर सपा के जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह का कहना है कि भाजपा लगातार जनता को धोखा दे रही है। इस बार आम चुनाव में भाजपा 10 से ज्यादा सीट नहीं जीत पाएगी। 74 प्लस सीटें तो गठबंधन के खाते में आएंगी। भाजपा को दलितों व पिछड़ा वर्ग का एक भी वोट नहीं मिलेगा।
ड्रामा कर रही भाजपा
कांग्रेस प्रवक्ता ओंकार नाथ सिंह ने कहा कि दलित और पिछड़ा प्रेम के नाम पर भाजपा केवल ड्रामा कर रहे हैं। प्रदेश बाढ़ से जूझ रहा है और भाजपाई चुप हैं। भाजपा नेतृत्व मंथन के बहाने आत्मप्रशंसा में जुटा हुआ है।
रालोद ने बताया इसे तमाशा
राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के प्रवक्ता अनिल दुबे ने कहा कि भाजपा के इस दो दिवसीय भव्य तमाशे ने लोगों को निराश किया है। किसानों को एक हजार करोड़ रुपये से अधिक बकाया भुगतान के बारे में कुछ नहीं बताया गया। बेहतर होता यदि भाजपा कार्यसमिति में गन्ना किसानों को उनकी बकाया रकम दिला दी जाती।
Published on:
13 Aug 2018 12:30 pm
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