
मेरठ। आगामी 5 जून को साल का दूसरा चंद्रग्रहण (Chandra Grahan 2020) लगने जा रहा है। यह चंद्रग्रहण (Moon eclipse) रात्रि 11:15 मिनट से शुरू होकर 2:34 तक चहेगा। यानि ग्रहण काल 3 घंटे 15 मिनट तक रहेगा। वहीं पूर्ण चंद्रग्रहण 12 बजकर 54 मिनट पर रहेगा। 5 जून को पड़ने वाला चंद्र ग्रहण उपच्छाया ग्रहण होगा, जो भारत में भी दिखाई देगा। ग्रहण का सूतक काल 12 घंटे पहले लग जाएगा। सूतक काल एक अशुभ अवधि मानी जाती है, जो ग्रहण से पूर्व ही प्रारंभ हो जाता है और ग्रहण के समापन के बाद ही समाप्त होता है। ज्योतिषियों के अनुसार यह उपच्छाया ग्रहण है इसलिए जानकारों के अनुसार इसमें सूतक काल कुछ खास मायने नहीं रखता। यह ग्रहण 5 जून की रात को प्रारंभ होगा और 6 जून की सुबह तक रहेगा। ग्रहण की अवधि 3 घंटे 15 मिनट की बताई जा रही है।
ज्योतिष विद्या के जानकारों के अनुसार इस साल यानि 2020 में जून और जुलाई का महीना अत्यंत खास रहने वाला है। वैसे तो जब से यह साल प्रारंभ हुआ है कुछ न कुछ घटित हो ही रहा है और लगभग सभी घटनाएं नकारात्मक ही हैं। परंतु ज्योतिषशास्त्रियों का मानना है कि जून और जुलाई का महीना कुछ अलग ही परिणाम देने वाला है। करीब 30 दिनों के अंतराल के बाद 3 ग्रहण लगने जा रहे हैं। जिसमें दो चंद्र ग्रहण और एक सूर्य ग्रहण है। विज्ञान हो या ज्योतिष, ग्रहण तो दोनों के लिए अपना अलग महत्व रखते हैं। लेकिन आगामी 5 जून को साल का दूसरा चंद्र ग्रहण रहेगा जो विभिन्न मायनों में खास होगा।
यह ग्रहण वृश्चिक राशि और ज्येष्ठ नक्षत्र में लगेगा। यह वृश्चिक राशि और ज्येष्ठा नक्षत्र में लगेगा। उपछाया चंद्रग्रहण होने के कारण सामान्य चांद और ग्रहण के दौरान दिखने वाले चांद के आकार में कोई परिवर्तन नहीं दिखाई देगा। हालांकि चंद्रमा की छवि जरूर हल्की हो जाएगी और यह मटमैला सा नजर आएगा। इससे पहले 10 जनवरी को भी चंद्रग्रहण लगा था।
Updated on:
2 Jun 2020, 6:11 PM IST
Published on:
2 Jun 2020, 6:04 PM IST
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