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यूपी के इस शहर में ठगी की ट्रेनिंग के लिए चलाया रहा है कोचिंग सेंटर

ट्रेनिंग के बदले हर शख्स से वसूले जाते थे 15000 रुपए
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मेरठ

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Iftekhar Ahmed

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Updated: 9 Oct 2018, 3:33 PM IST

Meerut polioce

यूपी के इस शहर में ठगी की ट्रेनिंग के लिए चलाया रहा है कोचिंग सेंटर

मेरठ. ठगी के धंधे के बारे में तो आपने बहुत सुना और पढ़ा होगा, लेकिन क्या आपने सुना है कि ठगी की भी कोचिंग होती है। जी हां आपने सही सुना। मेरठ शहर में ठगी का धंधा सिखाने के लिए बकायदा कोचिंग दी जा रही है। तीन महीने की ठगी की कोचिंग के लिए लोगों से पांच हजार रूपये वसूले जाते थे। इस कोचिंग में बाकायदा लोगों को पुलिस से बचने की भी ट्रेनिंग दी जाती थी। इसके अलावा यहां पर बेरोजगारों को नौकरी लगवाने का भी झांसा दिया जाता था।

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साइबर सेल और ब्रहमपुरी पुलिस ने कोचिंग की आड़ में ठगी का धंधा चला रहे एक युवक सहित चार युवतियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी बेरोजगारों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर अब तक हजारों लोगों को करोड़ों का चूना लगा चुके हैं। इसके अलावा करीब दो दर्जन लोगों को ठगी की कोचिंग दे चुके हैं। ठगी के कई तरीके ये कोचिंग में लोगों को बता चुके हैं।

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एसपी सिटी रणविजय सिंह ने बताया कि साइबर सेल ने एक सूचना पर कार्रवाई करते हुए शारदा रोड स्थित अग्रवाल काम्पलेक्स पर छापेमारी की। इस दौरान पुलिस ने काॅपलेक्स में स्थित एक कार्यालय पर छापा मारा। पुलिस को देखते ही कार्यालय में बैठी युवतियों और युवक में हड़कंप मच गया। कार्यालय के बाहर कोचिंग सेंटर का बोर्ड लगा था, लेकिन कार्यालय के भीतर लोगों को ठगी की कोचिंग दी जाती थी। इसके अलावा दिखावे के लिए जाॅब प्लेसमेंट का धंधा भी चलाया जा रहा था। पुलिस ने कार्यालय की तलाशी लेते हुए भारी मात्रा में विभिन्न कंपनियों से संबंधित कागजात बरामद किए। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने बताया कि वह रिलाइंस जियो सहित विभिन्न राष्ट्रीय कंपनियों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर बेराजगार युवक-युवतियों को काॅल करके अपने जाल में फंसाते थे। इसके बाद आवेदक से रजिस्ट्रेशन व अन्य औपचारिकताएं पूरी कराने के नाम पर हजारों की रकम ऐंठ लेते थे। बाद में आवेदक को कोई कमी बताकर उसका फाॅर्म निरस्त कर देते थे। इसके अलावा जो युवक थोड़ा तेजतर्रार होता है, उसको बताया जाता है कि वह कैसे लोगों को ठग सकता है। इसके लिए अलग से बकायदा लोगों को 15 हजार रूपये में तीन माह की ट्रेनिंग दी जाती थी।

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पुलिस के मुताबिक आरोपी पिछले तीन वर्षो से यह गोरखधंधा चला रहे हैं। नौकरी के नाम पर आरोपी अब तक हजारों बेराजगारों से करोड़ों की रकम ठग चुके हैं। हालांकि, कार्यालय का संचालक मुख्य आरोपी फरार है। पुलिस हिरासत में लिए गए सन्दीप पुत्र सन्तराम व चार युवतियों से पूछताछ में जुटी है।

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