
मेरठ. सरकार द्वारा कोरोना काल में बढ़ाई गई वाहनों की फिटनेस और लर्नर लाइसेंस की वैधता अवधि 31 अक्टूबर से खत्म हो रही है। लॉकडाउन और कोरोना संक्रमण के चलते कई बार बढ़ाई जा चुकी इस मोहलत के अब बढ़ने के आसार नहीं हैं। जिन वाहन स्वामी के कागजात अपडेट नहीं हो सके हैं उन्हें तत्काल करा लें। इसके बाद यह सभी निरस्त हो जाएंगे। हजारों की संख्या में लर्नर लाइसेंस 31 अक्टूबर के बाद समाप्त हो जाएंगे। आवेदकों को अब फिर से लर्निग लाइसेंस के लिए आवेदन करना होगा। साथ ही फीस भी फिर से जमा करनी होगी।
खासतौर पर लर्निग से स्थायी लाइसेंस बनवाने वाले धारकों के पास मात्र एक दिन का समय है। इस दौरान अगर उन्हें स्थाई लाइसेंस की तारीख नहीं मिल पाई तो वह निरस्त हो जाएगा। टाइम स्लॉट पहले से ही 15 नवम्बर तक फुल हैं। वहीं हजारों की संख्या में वाहन मालिकों के पास फिटनेस प्रमाण पत्र नहीं है। उनके पास भी महज दो दिन का मौका है।
दरअसल, कोरोना संक्रमण के दौरान वाहन स्वामियों और लर्नर से स्थायी लाइसेंस बनवाने वाले लोगों को राहत देते हुए केंद्र सरकार ने प्रपत्रों की वैधता अवधि बढ़ा दी थी। मेरठ में ही अब तक हजारों की संख्या में आवेदक ऐसे हैं जिन्होंने लर्निंग लाइसेंस के बाद स्थाई ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन कर रखा है, लेकिन उन्हें टाइम स्लॉट नहीं मिल सका है। तारीख न मिल पाने के कारण आवेदक आरटीओ ऑफिस के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। वहीं भारी संख्या में ऐसे वाहन हैं जो पूरी तरह से अनफिट हैं।
आवेदकों और वाहन मालिकों को राहत देने के लिए कई बार ढील दी जा चुकी है। लाइसेंस का कोटा भी बढ़ा गया है। वाहनों के फिटनेस के लिए भी कई बार मौका दिया जा चुका है। लेकिन वाहन स्वामी और आवेदक ही ध्यान नहीं दे रहे हैं। इस बार समय बढ़ने के आसार नहीं हैं। आरटीओ मेरठ हिमेश कुमार तिवारी ने बताया कि अभी तक अंतिम तिथि को बढ़ाने का कोई आदेश नहीं आया है। अभी तक तो 31 अक्टूबर ही अंतिम तिथि रखी गई है।
Published on:
30 Oct 2021, 3:53 PM IST
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