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भीषण गर्मी में दोगुनी हुई बिजली की खपत, पावर कट और लो वोल्टेज से जनता त्रस्त

पश्चिमांचल के 14 जिलों में बिजली की मांग पीक आवर्स में आठ हजार मेगावाट तक पहुंची, ओवरलोड से ट्रांसफार्मर हो रहे क्षतिग्रस्त

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मेरठ

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lokesh verma

Jul 11, 2021

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पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मेरठ. गर्मी बढ़ने के साथ ही मेरठ समेत पश्चिमांचल के सभी 14 जिलों में बिजली की मांग में बेतहाशा वृद्धि हुई है। पश्चिमांचल के 14 जिलों में बिजली की मांग पीक ऑवर्स में आठ हजार मेगावाट तक पहुंच गई। बिजली की अधिकतम मांग 4212 मेगावाट थी। अफसरों का दावा है कि बिजली की पर्याप्त उपलब्धता है, जबकि स्थिति यह है कि उपभोक्ताओं को सुचारू आपूर्ति नहीं हो पा रही है। ओवरलोडिंग और ट्रिपिंग आपूर्ति में बड़ी बाधा बन रही है। वोल्टेज के उतार-चढ़ाव भी परेशानी का सबब बने हैं। फीडर ओवरलोड हैं। बिजलीघर गर्मी में हांफ गए हैं।

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पिछले तीन-चार दिनों से अचानक पारा चढ़ने से बिजली मांग काफी बढ़ गई है। पश्चिमांचल की औसत बिजली मांग 4000 से 5000 मेगावाट के बीच रहती है। गर्मी बढ़ने के साथ पीक ऑवर्स में यह बढ़कर आठ हजार मेगावाट के आसपास पहुंच रही है। पीवीवीएनएल अधिकारियों के मुताबिक उमस के कारण भी बिजली की मांग में बढ़ोतरी हो रही है। गुरुवार को अब तक की सर्वाधिक आठ हजार मेगावाट की मांग रही। बिजली आपूर्ति अव्यवस्थित बनी हुई है। पश्चिमांचल के 14 जिलों की स्थिति यह है कि शहर से देहात तक वितरण और ट्रांसमिशन प्रणाली के ओवरलोड होने की वजह से ट्रिपिंग की समस्या उपभोक्ताओं के लिए सिरदर्द बनी हुई है। दिन में अघोषित कटौती हो रही है तो कहीं इलाकों में बिजली की आंख-मिचौनी और लो वोल्टेज के कारण परेशानियां हो रही हैं।

बात मेरठ जनपद की करें तो मेरठ जनपद की अधिकतम डिमांड 940 मेगा वाट रही और 24 घंटे की ऊर्जा खपत 14.75 मिलियन यूनिट (147.5 लाख यूनिट) रही। मेरठ मे औसत डिमांड 615 मेगा वाट रही। लगातार खपत बढ़ने के कारण ट्रांसफार्मर ओवरलोड होने के कारण क्षतिग्रस्त हो रहे हैं।

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