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महामारी को अवसर बनाने में जुटे जमाखोर : दस रुपये की खैनी 80 में तो पांच रुपये का गुटखा बेच रहे 15 में

अचानक से बढ़ें गुटका, खैनी और बीड़ी के रेट, लॉकडाउन और रात्रि कर्फ्यू से सक्रिय हुए तंबाकू माफिया, गुटका और खैनी पर वसूल रहे पांच गुना रुपया

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मेरठ

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shivmani tyagi

Apr 20, 2021

LOCKDOWN लगते ही गुड़ाखू-गुटखा और सिगरेट जैसे नशीली चीजों की कालाबाजारी शुरू, एक बार फिर से आसमान छूने लगे दाम

file photo

पत्रिका न्यूज़ नेटवर्क
मेरठ meerut news t एक और जहां कोरोना महामारी epidemic से लोग जूझ रहे हैं वहीं तंबाकू माफिया इस समय पूर्ण लॉकडाउन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। तंबाकू से बने उत्पादों का व्यापार करने वाले दुकानदारों ने तंबाकू उत्पादों को स्टॉक कर लिया है। थोक विक्रेताओं ने बीड़ी, गुटकों, खैनी, सिगरेट पर अचानक रेट बढ़ा दिए हैं। तंबाकू जनित उत्पादों के डीलर छोटे दुकानदारों को ब्लैक में गुटका, खैनी, बीड़ी बेचकर इस समय काे अवसर opportunity बनाना चाह रहे हैं।

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प्रदेश सरकार की ओर से जैसे ही शनिवार और रविवार का लॉकडाउन घोषित किया गया तो तम्बाकू विक्रेताओं के चेहरे खिल उठे। अनेक नामों के गुटके, खैनी बीड़ी के उत्पाद दुकानों से गायब कर दिए गए हैं। बंद पैकेट के विक्रेताओं ने अज्ञात स्थानों पर तंबाकू जनित उत्पादों का जबरदस्त स्टॉक कर लिया है। पिछले कोरोना काल में लॉकडाउन के दौरान गुटका, खैनी रेट से आठ गुना तक अधिक मूल्य वसूलकर बेचे गए। 10 रुपए में बिकने वाला बीड़ी का बंडल लोगों को 20 से 30 रुपए तक में बेचा गया जबकि 10 रुपए में बिकने वाली खैनी का पाउच 80 रुपये तक भी बेचा गया। गुटके का पाउच 5 रुपये के स्थान पर 15 रुपए से भी अधिक का बिका। तंबाकू जनित उत्पादों का व्यापार करने वालों ने पिछले लॉकडाउन के बाद भारी संपत्ति अर्जित की जबकि प्रशासन कोविड-19 से बचाव की गाइडलाइन का पालन कराने में ही व्यस्त रहा।

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प्रशासन की नाक के नीचे यह घोटाला शीर्ष पर चलता है तंबाकू जनित उत्पादों का व्यापार करने वाले इस बार भी लॉकडाउन घोषित होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। हालांकि सरकार ने सप्ताह में सिर्फ दो दिन यानी शनिवार और रविवार को लॉकडाउन की घोषणा की है लेकिन तंबाकू जनित उत्पादों के थोक व्यापारियों ने अभी से कालाबाजारी का माहौल बना दिया है। बाजारों में केवल तंबाकू जनित उत्पादों की काला बाजारी की ही चर्चा है। काला बाजारी पर रोक लगाए जाने की उम्मीद में लोग जिला प्रशासन व स्थानीय प्रशासन की ओर आशा भरी निगाहों से देख रहे हैं। लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन इस बार तंबाकू माफिया के मंसूबों को विफल कर देगा।

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