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पराली जलाने पर ग्राम प्रधानों के खिलाफ भी दर्ज होगी एफआईआर, जारी हुई गाइडलाइन

Highlights - डीएम ने कहा- सभी ग्राम प्रधान एनजीटी और सुप्रीम कोर्ट के आदेश का करें पालन - ग्राम प्रधान के साथ पंचायत सदस्य भी होंगे जिम्मेदार - डीएम ने दिए सख्त आदेश, प्रधानों को बैठक करने के निर्देश

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मेरठ

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lokesh verma

Oct 16, 2020

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मेरठ. गांव में पराली जलाई गई तो प्रधान व ग्राम पंचायत सदस्य भी जिम्मेदार होंगे। उनके खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी के बालाजी ने जिले के समस्त ग्राम प्रधानों से कहा है कि राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (National Green Tribunal) और सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों के पालन में प्रदेश सरकार ने मानव स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभावों के दृष्टिगत रखते हुए खेतों में फसल अपशिष्ट पराली जलाना दण्डनीय अपराध घोषित किया है। ऐसा करने पर आर्थिक दण्ड व एफआईआर दर्ज कराने का प्रावधान रखा है। पराली जलाने की रोकथाम के लिए ग्राम प्रधान व ग्राम पंचायत सदस्यों का भी उत्तरदायित्व निर्धारित किया गया है।

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उन्होंने प्रधानों से कहा है कि अपनी ग्राम पंचायत के सभी राजस्व ग्रामों के ग्राम पंचायत सदस्यों के साथ बैठक करें। इसमें कृषि विभाग के प्राविधिक सहायक, गन्ना पर्यवेक्षक, राजस्व, लेखपाल, पंचायतीराज एवं ग्राम पंचायत अधिकारी भी अनिवार्य रूप से शामिल हों। बैठक में जनसाधारण को फसल अवशेष न जलाने के लिए जागरूक करें। बताएं कि अवशेष जलाने से खेत की मिट्टी, पर्यावरण तथा मानव स्वास्थ्य पर काफी दुष्प्रभाव होता है। अवशेष जलाने पर एफआईआर दर्ज कराने के साथ अर्थदण्ड भी वसूला जाएगा।

जिला कृषि अधिकारी प्रमोद सिरोही ने बताया कि प्रधानों से कहा गया है कि ग्राम पंचायत के किसी उचित स्थान जैसे पंचायत घर, प्राथमिक व जूनियर विद्यालय की दीवारों आदि पर फसल अवशेष जलाने संबंधी चेतावनी आम लोगों की जानकारी के लिए लिखवाएं। खेत में फसल अवशेष जलाने पर 2 एकड़ से कम जोत वाले किसान से 2500, 2 से 5 एकड़ जोत वाले किसान पर 5000 रुपए तथा 5 एकड़ से अधिक जोत वाले किसान पर 15000 रुपये अर्थदण्ड लगाया जाएगा। इसकी पुनरावृत्ति करने पर अर्थदण्ड एवं कारावास दोनों से दण्डित किया जाएगा।

जिलाधिकारी ने कहा कि यदि ग्राम पंचायत में कोई किसान फसल अवशेष जलाए तो प्रधान का उत्तरदायित्व होगा कि वह तत्काल संबंधित लेखपाल को लिखित रूप में सूचना दे। राजस्व लेखपाल का यह दायित्व होगा कि वह संबंधित किसान के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराए। क्षतिपूर्ति की वसूली के लिए उपजिलाधिकारी को लिखित रूप में सूचित करें। फसल अवशेष जलाने की घटना घटित होने पर यदि प्रधान छिपाएगा अथवा सूचना देने में शिथिलता बरतेगा तो माना जाएगा कि फसल अवशेष जलाने वाले व्यक्ति के साथ उनकी संलिप्तता है। तब प्रधान को सह-अभियुक्त बनाते हुए दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी।

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