
पूर्वमंत्री याकूब कुरैशी पुलिस हिरासत में
गैंगस्टर और मीट माफिया पूर्व राज्यमंत्री याकूब कुरैशी को प्रदेश स्तर का माफिया घोषित किया गया है। प्रदेश माफिया घोषित होने की पूरी प्रक्रिया होती है। इस प्रक्रिया के तहत ही प्रदेश माफिया घोषित किया जाता है।
अवैध मीट फैक्टरी चलाने और गैंगस्टर के आरोपी पूर्व राज्यमंत्री हाजी याकूब कुरैशी पर कानूनी शिकंजा और कस गया है। प्रदेश स्तर का माफिया घोषित किए जाने के बाद अब उसके सभी मामलों में प्रभावी कार्रवाई की जाएगी। जेल जाने के बाद याकूब कुरैशी की संपत्ति जब्तीकरण की कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
इसी के साथ उस पर दर्ज मुकदमों में पैरवी की निगरानी शासन स्तर से होगी। शासन स्तर से कानूरी राय पुलिस अधिकारियों को दी जाएगी। जिससे कानूनी रूप से पुलिस और प्रशासन याकूब कुरैशी के खिलाफ मजबूत कार्रवाई कर सकें।
याकूब से पहले ये भी प्रदेश माफिया
याकूब कुरैशी से पहले अतीक अहमद और बाहुबली मुख्तार अंसारी प्रदेश माफिया की लिस्ट में शामिल हैं। अब याकूब कुरैशी को भी प्रदेश माफिया की लिस्ट में शामिल किया गया है। इसी के साथ शारिक को आपराधिक माफिया घोषित किया है। शारिक की निगरानी भी शासन स्तर से की जाएगी। प्रदेश माफिया घोषित अपराधियों से समाज में कानून व्यवस्था फैलने का अंदेशा जताया जाता है।
क्या होता है प्रदेश माफिया
किसी भी अपराधी को प्रदेश माफिया घोषित किए जाने के बाद उसकी पूरी मानिटरिंग शासन स्तर से की जाती है। कानूनी राय के लिए शासन स्तर से कानूनविदों की टीम गठित होती है जो प्रदेश माफिया घोषित अपराधी के सभी मामलों की बारीकी से पड़ताल करती है। यह टीम माफिया से संबंधित मुकदमों के लिए जरूरी राय देती है।
रिटायर्ड पुलिस अधिकारी सीपी शर्मा का कहना है कि प्रदेश माफिया घोषित होने की पूरी कानूनी प्रक्रिया होती है। उन्होंने बताया कि खासकर ऐसे अपराधी को प्रदेश माफिया घोषित किया जाता है। जिससे सामाजिक अपराध को बढ़ावा देने का अंदेशा होता है। धार्मिक सौहार्द को बिगाड़ने और जिले से प्रदेश स्तर तक अपराध करने वालों को भी प्रदेश माफिया घोषित किया जाता है।
Published on:
13 Jan 2023 01:56 pm
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