
gold price today. मेरठ। आज भी जिले में सोना और चांदी कीमतों (Gold & Silver Price) में कोई अंतर नहीं आया। आज सप्ताह के पहले दिन सोने की कीमत 48150 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी के दाम 65700 रुपये प्रति किग्रा हैं। पिछले चार दिन से सोने और चांदी के भावों में स्थिरता बनी हुई है।
चांदी में निवेश का बढ़ रहा रूझान :
सोने की मांग और कीमत चांदी (Silver) की तुलना में ज्यादा रहती है,लेकिन बीते कुछ समय में ऐसी स्थिति में चांदी एक बेहतर विकल्प बनकर सामने आई है। सोना—चांदी (Gold& Silver) के एक्सपर्टस का मानना है कि ऐसे लोग जिनके पास लिक्विड की कमी नहीं होती और वो सोने में निवेश कर कम समय में ज्यादा लाभ की उम्मीद रखते हैं। लेकिन सोने में निवेश (investing in gold)करने वालों को अधिक समय बाद लाभ (Profit)होता है,ऐसे में अब ऐसे लोगों का चांदी में निवेश(investing in silver) का रूझान बढ़ा है। बता दें कि कोरोना वायरस महामारी की दूसरी लहर ने सोने में निवेश ने निवेशकों को एक बड़े संकट में डाल दिया है। यही कारण है कि अब निवेशक भी अपने धन को को सुरक्षित जगह लगाने के बारे में सोच रहे हैं। दरअसल, सोने की डिमांड निवेश और गहनों के तौर पर सबसे ज्यादा होता है। लेकिन चांदी जेवरों के अलावा इंडस्ट्रियल कामों में भी इस्तेमाल की जाती है। इस साल बढ़ते इंडस्ट्रियल डिमांड की वजह से चांदी का भाव 30 फीसदी तक चढ़ सकता है।
इस साल चांदी के दाम जा सकते हैं 76—80 हजार प्रति किग्रा :
कमोडिटी एनलिस्ट्स की मानें तो इस साल चांदी का भाव 76-80 हजार रुपये प्रति किलोग्राम (Per Kg)के पार जा सकती है। अगर ऐसा होता है तो मौजूदा निवेशकों (existing investors) को इस साल के अंत तक प्रति किलो चांदी के निवेश पर अधिक फायदा (more profit)ले सकते हैं। इस समय चांदी का भाव करीब 65700 हजार रुपये प्रति किलोग्राम के करीब चल रहा है।
2019 से 2020 के बीच चांदी के दाम में 27 फीसदी तक उछाल :
पिछले साल कोरोना वायरस महामारी के मद्देननज़र दुनियाभर में कुछ समय के लिए लॉकडाउन लग गया था। इस दौरान आर्थिक गतिविधियां बंद पड़ी थीं। लेकिन, इस साल इंडस्ट्रियल स्तर पर काम हो रहे हैं। 2019 की तुलना में 2020 के अंत तक चांदी के भाव 27 फीसदी तक का उछाल आया था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में पिछले साल चांदी का औसत भाव 20.55 अमेरिकी डॉलर प्रति औंस रहा था। बता दें कि 35.3 औंस में एक किलोग्राम होता है।
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2020 में आर्थिक गतिविधियां ठप होने की वजह से इंडस्ट्रियल लेवल पर चांदी की मांग कम ही रही थी। पिछले साल चांदी की मांग 5 फीसदी कम होकर बीते पांच साल के निचले स्तर 48.68 करोड़ औंस पर पहुंच गई थी। हालांकि, सिल्वर बर्क और चांदी के सिक्के में अब तेजी भी देखने में आ रही है। भाव में गिरावट की वजह से भी निवेशकों का रुझान चांदी की ओर बढ़ा है। 2021 में फिर एक बार इसमें तेजी देखने को मिल रही है। कमोडिटी मार्केट से जुड़े जानकारों का कहना है कि अगले एक से दो महीनों में चांदी के भाव 71-72 हजार रुपये के पार जा सकते हैं। दिवाली तक चांदी का भाव बढ़कर 76-80 हजार के पार जा सकत है। ऐसे में मौजूदा निवेशकों को निवेश से अधिक रिटर्न मिल सकता है।
Published on:
13 Sept 2021 09:42 am
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