
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मेरठ. जिले में पंचायत चुनाव कई मामलों में इस बार काफी अनोखा साबित हुआ है। एक ओर जहां सत्तारूढ़ पर धनबल और बाहुबल के अलावा सत्ता के दुरुपयोग का आरोप लगा, वहीं दूसरी ओर इस चुनाव में कई ऐसे भी उम्मीदवारों ने चुनाव जीता जो कि आज लोगों के लिए चर्चा का विषय बने हुए हैंं। जिले के परीक्षितगढ़ ब्लॉक और इसी ब्लॉक के गांव नवल सूरजपुर में दादा-दादी की सरकार को लेकर आजकल चर्चा है। परीक्षितगढ़ ब्लॉक के अध्यक्ष दादा बने तो गांव की प्रधान दादी बन गई हैं। दो मई को दादा बीडीसी सदस्य बने और दादी ग्राम प्रधान। उसके बाद 68 साल के ब्रह्म सिंह ने ब्लॉक प्रमुख पर दावेदारी ठोंक दी। भाजपा ने उनको प्रत्याशी बनाया। अब वे प्रमुख भी निर्वाचित हो गए है।
उल्लेखनीय है कि दो मई को त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की मतगणना हुई थी। उस दौरान परीक्षितगढ़ ब्लॉक के गांव नवल सुरजेपुर में 66 वर्षीय किरण देवी पत्नी ब्रहम सिंह ग्राम प्रधान निर्वाचित हुईं। तब उन्होंने पूर्व ब्लॉक प्रमुख अनिल कुमार की पत्नी ऊषा को 209 मतों से हराया था। वहीं, बीडीसी के चुनाव में प्रधान पति ब्रहम सिंह ने पूर्व ब्लॉक प्रमुख सरजीत कुमार के पुत्र शोभित को हराकर जीत दर्ज की। 68 साल के ब्रह्म सिंह इसके बाद भी कहां चुप रहने वाले थे।
विधायक दिनेश खटीक के माध्यम से उन्होंने भाजपा में ब्लॉक प्रमुख के टिकट की दावेदारी कर दी। विधायक ने भी प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाकर ब्रह्म सिंह को परीक्षितगढ़ से ब्लॉक प्रमुख का टिकट दिलाया। फिर जीत के लिए दोनों जुट गए। शनिवार को जब ब्लॉक प्रमुख का चुनाव हुआ तो 70 वोट लेकर दादा ब्रह्म सिंह ने धमाकेदार जीत दर्ज की। इस तरह परीक्षितगढ़ ब्लॉक में दादा-दादी की सरकार बन गई है।
Updated on:
12 Jul 2021 06:11 pm
Published on:
12 Jul 2021 05:13 pm
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