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मुख्यमंत्री योगी अयोध्या में करने जा रहे हैं ऐसा काम कि वेस्ट यूपी के संवेदनशील जिलों में रहेगा हाई अलर्ट

राजनीतक आैर सामाजिक संगठनों को कार्यक्रम आयोजन से पहले लेनी होगी अनुमति      
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मेरठ

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Sanjay Kumar Sharma

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Updated: 3 Nov 2018, 5:49 PM IST

meerut

मुख्यमंत्री योगी अयोध्या में करने जा रहे हैं ऐसा काम कि वेस्ट यूपी के संवेदनशील जिलों में रहेगा हाई अलर्ट

मेरठ। मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के अयोध्या जाने और वहां पर दीप जलाने की प्रथा कोई नई नहीं है। वह 2017 में भी मुख्यमंत्री बनने के बाद अयोध्या गए थे और वहां पर दीप प्रज्ज्वलित किया था। इस बार वह फिर से अयोध्या जा रहे हैं और संतों के साथ दीपावली मनाएंगे। बता दें कि राम मंदिर की सुनवाई टलने से अयोध्या में संतों के बीच नाराजगी है। भाजपा सरकार में भी राम मंदिर के न बनने और कोर्ट में सुनवाई टलने से संत समाज में रोष है। दूसरी ओर आरएसएस के बीच भी मंदिर निर्माण को लेकर कुछ हलचल चल रही है। उधर मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने संत समाज से कहा कि सैकड़ों साल से राम मंदिर का मुद्दा चल रहा है। एक तारीख बढ़ने से संतों को धैर्य नहीं खोना चाहिए। वह संतों से इस बारे में बातचीत करेंगे। खास बात यह है कि पिछली बार जब मुख्यमंत्री अयोध्या में दीपावली पर गए थे तो उन्होंने संतों और वहां के लोगों के बीच कहा था कि हो सकता है कि अगली दिवाली तक कोई अच्छी खबर मिले।

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अयोध्या जाने का मकसद कुछ खास

इस बार दिवाली पर वह फिर अयोध्या जा रहे हैं। ऐसे में फिर सवाल उठता है कि क्या वे कोई अच्छी खबर लेकर संतों के बीच अयोध्या जा रहे हैं। इस का जवाब तो मुख्यमंत्री और भाजपा ही जाने, लेकिन सूत्रों के अनुसार उनका इस बाद अयोध्या जाना का मकसद कुछ खास ही है। भाजपा सूत्रों की मानें तो इस बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अयोध्या में कुछ घोषणा करने वाले हैं। दो दिन पहले राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री ने एक पत्रकार वार्ता में कहा भी था कि सरकार अयोध्या मसले पर कोई नई घोषणा करने वाली है।

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पीएसी आैर आरएएफ को अलर्ट

मुख्यमंत्री की इस घोषणा के बाद पुलिस और प्रशासन को इसलिए पहले से ही अलर्ट किया गया है। जिलाें में पीएसी और आरएएफ को 24 घंटे सतर्क रहने के लिए कहा गया है। इसके अलावा स्थानीय गुप्तचर इकाई को भी अभी से एलर्ट कर दिया गया है। हालांकि आईबी के सूत्रों ने ऐसी किसी भी घटना या सरकारी घोषणा से इंकार किया है, लेकिन त्योहार पर अलर्ट रहने का आदेश आया है। जबकि आईबी जैसी बड़ी खुफिया एजेंसियों के लिए त्योहारों के अलर्ट नहीं भेजे जाते। ऐसे अलर्ट आईबी को आतंकी गतिविधियों की सूचना पर ही भेजे जाते हैं। मेरठ जिले में स्थानीय स्तर पर पुलिस की सक्रियता और उसकी तैयारी बता रही है कि कहीं कुछ ऐसा होने वाला है जिसके कारण इतनी पुलिस और अन्य सुरक्षा बलों की प्रदेश और जिलों में सक्रियता बढ़ार्इ गई है।

प्रशासनिक स्तर पर जारी किए निर्देश

मेरठ में अभी बीती शुक्रवार को ही प्रशासनिक स्तर पर एक निर्देश जारी किया गया है। जिसमें कहा गया है कि कोई भी राजनीतिक दल या सामाजिक संगठन कोई कार्यक्रम का आयोजन करता है तो उसके लिए पहले पुलिस और प्रशासन से स्वीकृति लेनी होगी। बिना प्रशासनिक स्वीकृति के ऐसा कोई भी आयोजन होने पर उसको बंद कराया जा सकता है और आयोजकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

पश्चिम के इन जिलों में हाईअलर्ट

पश्चिम के जिन जिलों को हाई अलर्ट किया गया है। उनमें मेरठ, मुजफ्फरनगर, बुलंदशहर, अलीगढ़, मुरादाबाद, बिजनौर, बरेली, रामपुर आदि हैं।

बोले अधिकारी

इस बारे में जब एडीजी प्रशांत कुमार से बात की गई तो उनका कहना था। दीपावली और अन्य त्योहारों के मद्देनजर पुलिस को अलर्ट किया गया है।

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