
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मेरठ. पंचायत चुनाव और होली को लेकर आबकारी विभाग की चुनौतियां बढ़ गई हैं। होली के त्योहार के मददेनजर भी दूसरे राज्यों से शराब की तस्करी और नकली शराब की डिमांड बढ़ जाती है, लेकिन इस बार स्थिति काफी चुनौतीपूर्ण और विपरीत है। होली के साथ ही पंचायत चुनाव भी सिर पर हैं, ऐसे में आबकारी विभाग के सामने शराब की तस्करी और नकली शराब की बिक्री पर अंकुश लगाना बड़ी चुनौती होगी। इसी के मद्देनजर प्रदेशभर में जिला आबकारी अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने जिले में शराब तस्करी और जहरीली शराब पर रोक लगाएं। आबकारी विभाग ने पश्चिम उप्र के जिलों को अधिक फोकस किया है। इन जिलों में मेरठ, बुलंदशहर, हापुड़, बागपत, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, शामली, हापुड़ और मुरादाबाद मंडल शामिल हैं।
जिलों के आबकारी अधिकारियों को प्रदेश के आबकारी मंत्री रामनरेश अग्निहोत्री ने विशेष निर्देश दिये हैं। जिसमें कहा है कि आगामी होली के त्योहार और पंचायत चुनाव के मद्देनजर अवैध शराब बनाने और बेचने वालों पर पैनी नजर रखी जाए। बता दें कि अभी तक अवैध शराब व्यापार पर अभी पूरी तरह अंकुश नहीं लगा है। विशेष रूप से हरियाणा व दिल्ली के बार्डर से लगे जिलों से तस्करी के माध्यम से शराब आ रही है। वहीं आबकारी मुख्य सचिव संजय आर भुसरेड्डी ने भी मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली मंडलों के अधिकारियों को विशेष निर्देश दिए है, जिससे कि अवैध शराब की बिक्री पर लगाम लग सके।
मेरठ के खादर में दहक रही जहरीली शराब की भट्ठियां
मेरठ के खादर क्षेत्र में जहरीली शराब की भट्ठियां दहकनी शुरू हो चुकी हैं। गंगा के किनारे का ये क्षेत्र पूरी तरह से रेतीला है। जहां पर पुलिस और आबकारी विभाग की गाड़ियां नहीं पहुंच सकती। ऐसे में शराब माफिया इसका लाभ उठाते हैं और जबरदस्त तरीके से जहरीली शराब का स्टॉक कर लेते हैं। उसके बाद होली के मौके पर आसपास के इलाकों में बेचते हैं। खादर की बनी ये जहरीली शराब अब तक सैकड़ों लोगों की जान ले चुकी है।
जिला आबकारी अधिकारी आलोक कुमार का कहना है कि अवैध शराब के खिलाफ जबरदस्त अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए मास्टरप्लान तैयार किया गया है। विशेष दस्ते बनाकर माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
Published on:
12 Mar 2021 12:45 pm
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