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युवक-युवती का अनोखे रीति-रिवाज से विवाह, 1 हफ्ते करेंगे ब्रह्मचर्य का पालन, हजारों वर्ष पूर्व होती थी ऐसी शादी

Highlights: -सैकड़ों साल से विलुप्त हो रहा चक्रवर्ती विवाह -जैन धर्म में होता था ऐसा विवाह -मेरठ में युवक-युवती ने इस रीति-रिवाज से किया विवाह

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मेरठ

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Rahul Chauhan

Jun 20, 2020

Rules not being followed in religious and matrimonial programs

Rules not being followed in religious and matrimonial programs

मेरठ। कोरोना संक्रमण काल के दौरान कई ऐसे अजीबो गरीब किस्से बने और बिगड़े जिनके बारे में न कभी देखा और न जाना। अब ऐसा ही एक मामला जिले के पल्लवपुरम में सामने आया। जहां एक जैन मंदिर में ऐसा अनोखा विवाह हुआ। जिसके बारे में जानकार आप हैरान हो जाएंगे। इस विवाह के दिन वर और वधू ने व्रत रखा और अब विवाह की रीति संपन्न होने के बाद दंपति एक सप्ताह तक ब्रह्मचर्य का पालन करेंगे। युगल ने लॉकडाउन के चलते सोशल डिस्टेंसिंग के बीच जैन धर्म की पौराणिक चक्रवर्ती रीति रिवाज से विवाह किया।

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बता दें कि जैन धर्म में हजारों वर्ष पूर्व चक्रवर्ती विवाह हुआ करते थे। इस पद्धति से होने वाले विवाह समय के साथ-साथ लुप्त होते चले गए। गत शुक्रवार को सैकड़ों वर्षों बाद फिर से से इस पद्धति से एक विवाह संपन्न हुआ। मोदीपुरम स्थित सुपरटेक स्पोर्ट सिटी निवासी अक्षय जैन के पुत्र अरिहंत जैन ने लॉकडाउन के चलते 14 अप्रैल को होने वाले विवाह को स्थगित कर दिया था। उन्होंने अब 19 जून शुक्रवार को अपने परिवार के साथ अपनी जीवन साथी प्रिया से चक्रवर्ती विवाह किया।

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इस विवाह को दीपक जैन शास्त्री ने जैन धर्म की पूर्ण धार्मिक क्रियाओं के साथ कराया। उन्होंने चक्रवर्ती विवाह की क्रियाओं की जानकारी देते हुए बताया कि इस प्रकार का विवाह जैन मंदिर में किया जाता है। शादी के दिन वर-वधु व्रत रखते है और सुबह भगवान की शांतिधारा के बाद पूजन के उपरांत भगवान की बेदी के चारों ओर फेरे लेने के बाद यह शादी संपन्न होती है। इसमें वर-वधु को सात दिन का ब्रह्मचर्य का पालन करना होता है। इस शादी में मात्र 12 से 15 लोग शामिल हुए।