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JEE Mains Topper Interview: मेहनत और एकाग्रता से प्रथम प्रयास में 100 परसेंटाइल के साथ क्लियर की परीक्षा

JEE Mains 2022 Topper Saumitra Garg ने जेईई मेंस परीक्षा में 100 परसेंटाइल अंक हासिल किया है। पत्रिका से Exclusive बातचीत में उन्होंने अपने सक्सेस मंत्रा, स्टडी पैटर्न और भविष्य के लक्ष्य पर बात की।

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Saumitra Garg JEE Mains Topper

कहते हैं कि अगर मेहनत और लगन सच्ची हो तो आपको जीतने से कोई नहीं रोक सकता। इस बात को सच कर दिखाया है जेईई मेंस 2022 में 100 परेंटाइल हासिल करने वाले सौमित्र गर्ग ने। सोमवार को नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी कि एनटीए की ओर से जारी किए गए जेईई मेंस के परीक्षा परिणाम में देश भर से 14 मेधावी बच्चों ने 100 परसेंटाइल हासिल किया। इसमें उत्तर प्रदेश के मेरठ से एक मात्र सौमित्र गर्ग ऐसे हैं, जिन्होंने 100 परसेंटाइल हासिल किया है। यह उनका पहला अटेम्प्ट था जिसमें उन्हें 300 में से 300 अंक मिले हैं। इसका श्रेय वे अपने माता पिता व उन शिक्षकों को देते हैं जिन्होंने उनका मार्गदर्शन किया और उन्हें जीतने का हौसला दिया। पत्रिका से एक्सक्लूसिव बातचीत में सौमित्र ने बताया कि वह आईआईटी में दाखिला लेकर कंप्यूटर साइंस पढ़ना चाहते हैं।जेईई मेंस के लिए एक तय लक्ष्य को मन में रखते हुए वह निरंतर अपने सब्जेक्ट्स की तैयारी करते रहे। सुबह योगा और शाम को दोस्तों के साथ चहलकदमी भी जारी रखी।

अब जेईई एडवांस पर फोकस

बागपत रोड पर गुलमोहर कालोनी के रहने वाले सौमित्र ने दिल्ली पब्लिक स्कूल से 12वीं पास किया है। सौमित्र शुरू से ही टॉपर स्टूडेंट रहे हैं। 10 में उन्होंने 97.6 प्रतिशत हासिल किए थे। 12वीं में वह 95 प्रतिशत से अधिक अंक की अपेक्षा कर रहे हैं। फिलहाल उनका लक्ष्य जेईई एडवांस की परीक्षा में मेंस की परीक्षा की तरह टॉप करना है। सौमित्र ने बताया कि उन्होंने अपने हर विषय पर बराबर ध्यान दिया। कभी भी समय देखकर पढ़ाई नहीं की लेकिन जो भी पढ़ा उसका निरंतर अभ्यास करते रहे। शुरू से ही आदत रही कि फिजिक्स, कैमेस्ट्री और मैथ्स की तैयारी एक दिन भी न छूटे। इससे फायदा यह होता था कि तीनों सब्जेट को बराबर फोकस मिलता था और तैयाारी भी बैलेंस्ड रहती थी। रेगुलर टेस्ट और मॉक टेस्ट से भी काफी मदद मिली।

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मेहनत और एकाग्रता से मिली सफलता

सौमित्र फिटजी के मेरठ ब्रांच के छात्र हैं। उनके पिता हरीश गर्ग बिजनसमैन हैं और मां रेखा हाउसवाइफ हैं। सौमित्र ने बताया कि उन्होंने सेल्फ स्टडी के साथ-साथ कोचिंग क्लास से भी तैयारी की। कोशिश यही रही कि एक भी दिन क्लास न छूटे। वह अपनी सफलता के लिए अपने माता-पिता, शिक्षकों और दोस्तों को धन्यवाद करते हैं जिन्होंने हर कदम पर उनका साथ दिया। सौमित्र कहते हैं कि वह भगवान में बहुत आस्था रखते हैं। सब कुछ अच्छा होगा, इसी विश्वास के साथ और बिना डरे मेहनत और एकाग्रता के साथ अपनी तैयारी जारी रखी।

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ओलंपियाड की भी की थी तैयारी

सौमित्र ने बताया कि उन्होंने इसी साल ओलंपियाड की भी तैयारी की थी। हालांकि, वह इसमें सफल नहीं हो पाए लेकिन इसे अपनी हार भी नहीं मानते। सौमित्र का मानना है कि इसी असफलता ने उन्हें और ज्यादा मेहनत करने की प्रेरणा दी। अपनी हर परफॉर्मेंस का बारीकी से अध्ययन करते हुए आगे की तैयारी की।