
जम्मू-काश्मीर के राज्यपाल बोले पाक पीएम इमरान खान के कारण हुर्रियत नेता पड़े नरम
मेरठ. जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सतपाल मलिक ने खरखौदा कस्बें में एक कॉलेज में आयोजित कार्यक्रम में रविवार को भाग लिया। इस दौरान उन्होंने कश्मीर के वर्तमान हालात पर संतोष व्यक्त किया। राज्यपाल मलिक ने कहा कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने जम्मू-काश्मीर के हुर्रियत नेताओं को समझा दिया है। उन्होंने कहा कि हुर्रियत के नेता पाकिस्तान और आईएसआई के इशारे पर काम करते हैं। उन्होंने बताया कि सीमा पार से पुख्ता जानकारी मिली है कि हुर्रियत के नेताओं को पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री इमरान खाने ने समझा दिया है कि भारत बहुत मजबूत देश है। उसकों बांटा नहीं जा सकता। भारत से भाईचारे और बातचीत के जरिए ही हल निकाला जा सकता है। पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के इस व्यवहार से हुर्रियत नेताओं का भारत विरोधी सुर बदल गया है। लिहाजा, जो कभी अलगाव की बातें करते थे आज वे शांत बैठे हुए हैं। उन्होंने कहा कि हुर्रियत के नेता भारत और पाकिस्तान की राजनीति में कटुता आने पर अपना व्यापार चलाते हैं। उन्होंने कहा कि यह बात सीमा पार पाकिस्तान भी समझ गया है। इसलिए अब वह हुर्रियत के नेताओं को राजनीतिक महत्व नहीं दे रहा है। उन्होंने कहा कि हुर्रियत के नेता भी यह समझ चुके हैं, इसलिए अब वे भारत और काश्मीर के बारे में नरम रूख रख रहे हैं।
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आतंकवाद में आई कमी
उन्होंने कहा कि हुर्रियत के नरम रूख से जम्मू-काश्मीर के आतंकवाद में कमी आई है। वहीं, पाकिस्तान की सीमा पर सख्ती से भी आतंकवाद में कमी की बात को उन्होंने स्वीकारा। इस दौरान उनके साथ मेरठ के भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी उपस्थित रहे। उन्होंनेे कहा कि युवाओं को देश निर्माण और देश की तरक्की में आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि आजकल महिलाएं, पुरूषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर हर क्षेत्र में बढ़ रही हैं। उन्होंने कहा कि काश्मीर में कई एनजीओ ऐसे संचालित हो रहे हैं, जो महिलाओं और युवतियों के उज्जवल भविष्य के लिए काम कर रहे हैं।
Updated on:
28 Oct 2018 08:41 pm
Published on:
28 Oct 2018 08:41 pm
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