
बीमा पॉलिसी लेते समय ध्यान रखें ये बात, नहीं खाएंगे मात, डिजिटल कैंपन में दिए टिप्स
बीमा क्षेत्र में आए दिन लोगों के साथ धोखाधड़ी की घटनाएं होती रहती है। साइबर ठग बीमा धारकों को ठगने के कई तरीके अपनाते हैं ऐसे में न चाहते हुए भी वो इन साइबर ठगों के झांसे में आ जाता है। हालांकि इनसे बचने के लिए बीमा कंपनियां अपने ग्राहकों को समय—समय पर जागरूकता कार्यशालाओं का आयोजन करती रहती हैं। ऐसी ही एक कार्यशाला डिजिटल कैंपेन 'सावधान रहे, सेफ रहे' का आयोजन बजाज फिनसर्व की ओर से किया गया। जिसमें बीमा क्षेत्र में होने वाली धोखाधड़ी से आम जनता को सुरक्षित रखने पर जानकारी दी गई। अभियान के तीसरे संस्करण में इस कैंपेन के मुख्य नायक “गुप्ता जी” उपभोक्ताओं को याद दिलाते है कि जब भी उन्हें सामान्य बीमा से जुड़ी धोखाधड़ी की स्थिति का सामना करना पड़े तो वह “ना जी, ना जी, ना जी” के मंत्र का जाप करें।
बीमा पॉलिसी लेते समय इनका रखे ध्यान
आधिकारिक वेबसाइट्स से पॉलिसी संबंधी जानकारी करें। हमेशा कॉलर की जाँच करें और आकर्षक ऑफर्स के चक्कर में न पड़े। कम प्रीमियम रेट के लालच में नही पड़ें। बैंक क्लेम के फॉर्म पर कभी हस्ताक्षर नही करें। इंश्योरेंस कंपनी ने अपने पॉलिसीधारकों को बताया कि वे निकटतम शाखा में जाकर या कंपनी की वेबसाइट पर चीजों को चेक करें।
धोखेबाजों से बचने के लिए सुरक्षा के उपाय
पैन कार्ड, आधार कार्ड, पासपोर्ट और पॉलिसी का नंबर किसी भी तीसरे पक्ष या अनजान आदमी से शेयर न करें। जनरल इंश्योरेंस के कर्मचारी कभी भी मूल दस्तावेजों को जमा करने के लिए कहते। सादे चेक पर कभी भी हस्ताक्षर नहीं करें। अपने गोपनीय पर्सनल, पॉलिसी के डिटेल और ओटीपी किसी अनजान सूत्र या कॉलर को नहीं बताएं। अपनी इंश्योरेंस पॉलिसी से संबंधित किसी भी जानकारी की पुष्टि के लिए इंश्योरेंस कंपनी से सीधे संपर्क करें।
Published on:
30 Mar 2022 06:16 pm
