
मेरठ। प्रदेश के सभी डीएम को लेखपालों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए हैं। बता दें कि काफी समय से लेखपाल संघ अपनी मांगों को लेकर धरने-प्रदर्शन कर रहा है। जिससे काफी काम प्रभावित हो रहा है। जिलाधिकारी मेरठ अनिल ढींगरा को भी आदेश प्राप्त हो गए हैं, जिसमें उन्होंने लेखपाल संघ से धरना खत्म कर काम पर वापस लौटने की बात कही है।
वहीं, उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की ओर से जिले की तीनों तहसीलों के लेखपालों ने जिला मुख्यालय में एकत्र होकर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान आठ सूत्री मांगों को लेकर लेखपालों ने जमकर नारेबाजी किया। चेताया कि अगर उनकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो आरपार का आंदोलन किया जाएगा। तहसील सरधना के लेखपाल संघ के अध्यक्ष मनवीर सिंह ने बताया कि मांगें पूरी करने के लिए 26 दिसंबर तक का समय दिया गया है। अगर मांगें नहीं मानी गई तो 27 दिसंबर को लखनऊ में विधानसभा का घेराव करेंगे।
धरने को सम्बोधित करते हुए लेखपालों ने कहा कि एसीपी की विसंगति का मामला हो या काडर रिव्यू की बात हो सरकार को जल्द निर्णय लेना होगा। वेतन के उच्चीकरण सहित पेंशन की विसंगति को दूर करने की मांग पर भी सरकार को शीघ्र विचार करना होगा। धरने में 27 दिसंबर को विधानसभा के घेराव की रणनीति बनाई गई। जिलाधिकारी अनिल ढींगरा ने बताया कि लेखपालों की हड़ताल पूरी तरह से अवैध है। ऊपर से आदेश हैं कि अगर कोई 24 घंटे में काम पर वापस नहीं लौटता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
Published on:
14 Dec 2019 02:07 pm
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