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Mahashivratri 2019: जय शिव…जय भोलेनाथ से गूंजे शिवालय, सुबह इतने बजे से लगनी शुरू हुर्इं भक्ताें की कतारें, देखें वीडियो

वेस्ट यूपी के इस प्रसिद्ध मंदिर में उमड़ी भीड़, अन्य शिवालयों में भी हुर्इ पूजा-अर्चना  
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मेरठ

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Sanjay Kumar Sharma

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Updated: 5 Mar 2019, 12:41 AM IST

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Mahashivratri 2019: जय शिव...जय भोलेनाथ से गूंजे शिवालय, सुबह इतने बजे से लगनी शुरू हुर्इ भक्ताें की कतार

मेरठ। सोमवार को महाशिवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया जा रहा है। शिवालयों और प्रसिद्ध मंदिरों में भगवान महादेव के अभिषेक के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। मंदिरों में भोर से ही लोगों ने भगवान शिव को दुग्ध, पंचामृत और पंचगव्य का अभिषेक किया। वेस्ट यूपी के प्रसिद्ध आैघड़नाथ मंदिर में सुबह चार से 'जय भोले', 'जय शिव' के उद्घोष सुबह चार बजे से मंदिर परिसर में गूंजने शुरू हो गए थे। सनातन धर्म के बड़े पर्व में महाशिवरात्रि सर्वोत्तम है। इसे फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी के दिन मनाया जाता है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन ही शिव का प्राकट्य हुआ था और शिव का सती से इसी दिन विवाह भी हुआ था। इसलिए इस दिन विशेष को महादेव की उपासना से व्यक्ति को जीवन में सम्पूर्ण सुख प्राप्त होता है। इस दिन व्रत, उपवास, मंत्रजाप तथा रात्रि जागरण का विशेष महत्व है।

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सोमवार होने के कारण विशेष महत्व

इस महापर्व का सोमवार को पड़ना एक बड़ा संयोग है। इस वर्ष शिवरात्रि का पावन पर्व श्रवण नक्षत्र में पड़ रहा है। श्रवण का स्वामी चंद्रमा होता है। श्रवण नक्षत्र और सोमवार का एक साथ महाशिवरात्रि पर बहुत ही शुभ संयोग है। इस दिन सर्वार्थसिद्धि योग भी है। हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी के दिन आने वाली शिवरात्रि को सिर्फ शिवरात्रि कहा जाता है, लेकिन फाल्गुन मास की कृष्ण चतुर्दशी के दिन आने वाले शिवरात्रि को महाशिवरात्रि कहा जाता है। साल में होने वाली 12 शिवरात्रियों में से महाशिवरात्रि सबसे महत्वपूर्ण मानी जाती है।

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औघड़नाथ मंदिर में भगवान शिव का श्रृंगार

मेरठ के प्राचीन औघड़नाथ मंदिर में सुबह चार बजे पहले भगवान शिव का श्रृंगार किया गया। इसके बाद जलाभिषेक हुआ। भोर की आरती में सैकड़ों श्रद्धालुगण उपस्थित रहे। हालांकि अभिषेक का शुभ मुहूर्त शाम को पांच बजे के बाद का बताया जा रहा है, लेकिन चतुदर्शी सुबह होने के कारण लोगों ने सुबह से ही भगवान आशुतोष को जलाभिषेक करना शुरू कर दिया। शहर के अन्य सभी शिवालयों में भी भगवान की पूर्जा अर्चना आैर अभिषेक सुबह से शुरू हो गया।

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