
मेरठ। चतुर्दशी आैर श्रवण नक्षत्र का संयोग होने के कारण महाशिवरात्रि पर्व 14 फरवरी यानि बुधवार को मनाया जा रहा है। हर साल महा शिवरात्रि ? का पर्व फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। इस बार श्रवण नक्षत्र का संयोग भी इस तिथि से जुड़ रहा है। महाशिवरात्रि पर पूजा करने से भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त होता है, लेकिन यदि कुछ विशेष पूजा की जाए, तो इसका प्रभाव पूरे जीवन में देखने को मिलता है। महा शिवरात्रि पर बिल्व पत्र अर्पण करने का विशेष महत्व होता है। यदि इस दिन जलाभिषेक के समय अपनी उम्र के बराबर की संख्या के बिल्व पत्र शिवलिंग पर चढ़ाए जाएं तो भगवान शिव का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है। एेसे करने वाले श्रद्धालु भगवान के शिव के चमत्कार अपने जीवन में साक्षात करते हैं।
व्रत 14 फरवरी को
महाशिवरात्रि को लेकर इस बार संशय की स्थिति इसलिए बन रही कि 13 और 14 फरवरी दोनों ही दिन चतुर्दशी मध्यरात्रि में रहेगी। 13 तारीख की रात्रि 10 बजकर 34 मिनट पर चतुर्दशी शुरू होगी और 14 तारीख की रात 12 बजकर 47 मिनट तक रहेगी। मतलब 14 फरवरी को पूरे दिन चतुर्दशी तिथि रहेगी। 14 फरवरी को श्रवण नक्षत्र है। पूरे दिन सभी शिवालयों में जलाभिषेक कभी भी किया जा सकता है।
इनसे भी मिलेगा लाभ
महाशिवरात्रि पर शिवलिंग पर चंदन चढ़ाने व्यक्तित्व व मान-सम्मान की प्राप्ति, शिवलिंग पर घी चढ़ाने से शरीर में उर्जा व शक्ति का संचार, दूर्वा अर्पित करने से आयु लंबी, इत्र चढ़ाने से मन में पवित्रता, केसर चढ़ाने से मनचाहा जीवनसाथी व सुखमय दाम्पत्य जीवन, गन्ने का रस चढ़ाने से सभी सुखों की प्राप्ति, गेहूं चढ़ाने से संतान सुख आैर शिवलिंग पर भांग चढ़ाने से हमारे विकार व बुराइयां दूर होती हैं।
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सर्वसुख पाने का दिन
ज्योतिषाचार्य डा. ललित गर्ग का कहना है कि महाशिवरात्रि पर्व जीवन में सर्व सुख पाने का दिन है। यदि सच्चे मन से भगवान शिव की पूजा-अर्चना की जाए, तो वह निश्चित ही आशीर्वाद देते हैं। भगवान शिव बिल्व पत्र चढ़ाने से बहुत प्रसन्न होते हैं। अगर महाशिवरात्रि को शिवलिंग पर अपनी उम्र के बराबर बिल्व पत्र अर्पित करके जलाभिषेक करें, तो भगवान शिव का विशेष आशीर्वाद प्राप्त हाेता है। इनके अलावा अन्य उपाय भी बहुत लाभकारी होते हैं।
Updated on:
13 Feb 2018 01:28 pm
Published on:
13 Feb 2018 12:51 pm
