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Meerut के सूरजकुंड श्मशान में लगी कोरोना से मरने वाले शवों की लाइन, पंडों पर लगे वसूली का आरोप

मेरठ के सूरज कुंड स्थित श्मशान घाट पर लग रही कोरोरा संक्रमण से मरने वाले शवों की कतार, प्लेटफार्म कम पड़ने पर जमीन पर जलाए जा रहे शव

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मेरठ

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lokesh verma

Apr 18, 2021

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पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मेरठ. महानगर में सूरज कुंड स्थित श्मशान घाट पर इन दिनों कोरोना संक्रमण से मरने वालों के शवों की लाइन लगी है, हर एक घंटे एक शव अंतिम संस्कार के लिए पहुंच रहा है। हालात ये हैं कि शवों को जलाने के लिए श्मशान में जगह नहीं बची है। वहीं, शवों को जलाने के नाम पर परिजनाें से वसूली की खबर के बाद रविवार सुबह नगरायुक्त मनीष बंसल सूरज कुंड श्मशान पहुंचे और उन्होंने श्मशान घाट के पंडों को जमकर हड़काया। उन्होंने पंडों को चेतावनी दी कि अगर अब किसी शव जलाने के लिए निर्धारित शुल्क से अधिक रुपए मांगे तो वे सीधा रिपोर्ट दर्ज करवाकर जेल भिजवा देंगे।

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सूरज कुंड स्थित श्मशान के पंडे ने बताया कि यहां कोरोना संक्रमण से मरने वालों की संख्या एकाएक बढ़ने लगी है। फिलहाल यहां हर दिन आठ से 10 कोरोना संक्रमित शव अंतिम संस्कार के लिए आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि श्मशान घाट में शवों के दाह संस्कार के लिए कुल 42 प्लेटफार्म हैं, जो फुल हो चुके हैं। इस समय हालात यह है कि जमीन में लकड़ी रखकर दाह संस्कार किया जा रहा है। शवों के आने की लाइनें नहीं टूट रही हैंं। लोग अपने लोगों के शव लेकर आ रहे हैं और दाह संस्कार के लिए इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि यहां अब छह अतिरिक्त नए प्लेटफार्म बनवाए जाएंगे।

वहीं, दाह संस्कार के नाम वसूली करने के सवाल पर पंडों ने कहा कि वसूली के आरोप निराधार हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है मीडिया को किसी ने गलत बताया है। वे निर्धारित शुल्क लेकर ही शवों का अंतिम संस्कार कर रहे हैं। पंडों ने कहा कि उनके पास न तो पीपीई किट है और न ही ग्लब्स। वे बगैर अपनी सुरक्षा की परवाह किए ही शवों का अंतिम संस्कार करा रहे हैं।

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