
मेरठ। मेरठ के हस्तिनापुर में इन दिनों बाढ़ से हालात काफी खराब हो गए हैं। गंगा में एक लाख 90 हजार क्यूसेक पानी अधिक है, जिसके कारण बाढ़ से करीब 24 गांव प्रभावित हो गए हैं। इन गांवों के चारों ओर पानी भरा हुआ है। गांववासियों को घर छोड़कर सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए कहा गया है। वहीं जिलाधिकारी अनिल ढींगरा हालात पर नजर रखे हुए हैं। उन्होंने बताया कि अभी तक 24 गांव बाढ़ से प्रभावित हुए है। बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में पीएसी के गोताखोरों को तैनात किया गया है।
बैराज से पानी छोड़ने पर हालात खराब
पहाड़ों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और बैराज से लाखों क्यूसेक पानी छोड़ने के कारण गंगा और यमुना का जलस्तर बढ़ने लगा है। वेस्ट यूपी में लगातार हो रही भारी बारिश ने बीती शुक्रवार से कहर बरपा रखा है। मेरठ के हस्तिनापुर में गंगा का जलस्तर बढ़ने से हालात बेहद खराब हो गए हैं। पानी की धार से तटबंध कट गए। पानी गांवों में घुस आने से करीब 24 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए। बाढ़ के और अधिक विकराल रूप के मद्देनजर आस-पास के गांवों के लोग भयभीत हैं। बीती रविवार को बिजनौर गंगा बैराज से लगभग एक लाख क्यूसेक पानी छोड़ने से हस्तिनापुर खादर में हालात और खराब हो गए।
बाढ़ चाैकियों को किया अलर्ट
अन्य बरसाती नदियां भी उफान पर हैं। गांवों के संपर्क मार्ग व खेतों में पानी घुसने लगा है। हथनीकुंड बैराज से करीब आठ लाख क्यूसेक पानी यमुना नदी में छोड़ा गया है। जो आज दोपहर बाद तक हस्तिनापुर पहुंचेगा। प्रशासन ने बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को अलर्ट कर दिया है। नदी किनारे गांवों में रहने वाले लोग बाढ़ के खतरे से अपना सामान बांधने लगे हैं। जिलाधिकारी अनिल ढींगरा ने कहा कि बाढ़ के हालात ने निपटने के लिए लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा रहा है। चिकित्सा विभाग को भी अलर्ट कर दिया गया है। चिकित्सा विभाग की कई एंबुलेंस और टीमें बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में लगी हुई हैं, जो बीमार लोगों को दवाइयां बांटने का काम कर रही हैं।
Published on:
21 Aug 2019 12:37 am
बड़ी खबरें
View Allमेरठ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
