
बागपत। मुन्ना बजरंगी हत्याकांड में कुछ सनसनीखेज तथ्य भी सामने आ रहे हैं। इसमें एक बात यह भी आ रही है कि इस वारदात के पीछे पूर्वांचल के एक सफेदपोश का हाथ भी है। बताया जा रहा है कि मुन्ना बजरंगी अपना वर्चस्व बढ़ाने के लिए अगामी 2019 लोकसभा चुनाव लड़कर सांसद बनना चाहता था।
इस सीट से लड़ना चाहता था चुनाव
मीडिया रिपोर्ट की मानें तो पुलिस की जांच में यह सामने आया है कि बजरंगी 2019 में जौनपुर लोकसभा सीट पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था। बताया जा रहा है कि उसकी बाहुबली से वर्चस्व की लड़ाई भी चल रही थी और वह उसे टक्कर देना चाहता था। साथ ही पुर्वांचल में अपना वर्चस्व स्थापित करना चाहता था। यही कारण है कि मुन्ना बजरंगी की पत्नी सीमा सिंह भी बाहुबली समेत पांच लोगों पर हत्या कराने का आरोप लगा चुकी है।
10 करोड़ रुपये में दी गई सुपारी
इसके साथ ही बताया जा रहा कि बजरंगी की हत्या करने के लिए 10 करोड़ रुपये की सुपारी दी गई थी। रिपोर्ट की मानें तो जांच रिपोर्ट में यह बात भी सामने आई है कि बजरंगी की हत्या से पहले जौनपुर के एक बैंक से करीब सात करोड़ रुपये की ट्रांजेक्शन हुई थी। वहीं एक अन्य बैंक से भी तीन करोड़ रुपये निकाले गए। बताया जा रहा है कि हत्या करने के लिए 10 करोड़ रुपये की सुपारी दी गई।
हर बिंदु पर जांच कर रही पुलिस
जेल अधीक्षक विपिन कुमार मिश्र का कहना है कि इस मामले में अभी कुछ कहना जल्दबाजी होगी। मामले में हर बिंदु पर पुलिस जांच कर रही है। बजरंगी की पत्नी सीमा सिंह के आरोपों पर भी जांच में गौर किया गया है।
राठी ने अकेले कैसे दिया हत्याकांड का अंजाम
बजरंगी हत्याकांड के बाद जांच अधिकारियों के साथ ही लोगों के भी दिमाग में यह सवाल घूम रहा है कि जिस माफिया के नाम से पूर्वाचल कांपता था उसे अकेले मुन्ना बजरंगी ने सटाकर गोली कैसे मार दी। इस दौरान 9 गोलियां मारी गई और किसी अन्य को खरोच तक नहीं आई। हालांकि सुनील राठी ने इस हत्या का जुर्म अपने सिर पर लिया है। इन सभी बिंदुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
Published on:
13 Jul 2018, 1:20 PM IST
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