
महंगाई में बढ़े रोड कटिंग के रेट, लोनिवि विभाग ने पांच साल बाद जारी की सूची
निर्माण सामग्री की कीमतों में वृद्धि ने सड़क मरम्मत को भी महंगा कर दिया है। निजी कंपनियों या विभागों को सड़क की खोदाई के रुप में अब पहले से अधिक रकम सड़क बनाने वाले विभाग को देनी होगी। जिससे सड़क का निर्माण गुणवत्तापूर्ण हो सकेगा। लोक निर्माण विभाग ने रोड कटिंग की पुर्ननिर्माण के लिए नई रेट सूची जारी की है। वर्ष 2017 की पूर्व जारी रेट को निरस्त कर इसमें 25 से 30 प्रतिशत दर का इजाफा किया है। सड़क की खोदाई कर कटिंग करने वाले विभागों या निजी कंपनियों के लिए लोक निर्माण विभाग एस्टीमेट आगणन तैयार करता है।
लोक निर्माण विभाग इसकी दर तय करता है। लोक निर्माण विभाग ने नई कमेटी गठित कर वृद्धि करते हुए मुहर लगा दी है। इससे पहले 2017 के जारी रोड कटिंग की दरों को निरस्त कर दिया है। इस बार दरों को सड़कों की अलग-अलग गहराई में की गई खोदाई के अनुसार देना होगा। अधिशासी अभियंता एसके सारस्वत ने बताया कि नई दरों की सूची लखनऊ से जारी हो गई है। जारी की गई सूची में जीएसटी को भी शामिल किया है। लेकिन अधिष्ठान व्यय शामिल नहीं है। यह दरें लागू कर दी गई हैं।
लोकनिर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता एसके सारस्वत ने बताया कि पिछले कई साल से रोड कटर की दरें एक निश्चित थी। लेकिन अब इन दरों को बढ़ा दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस समय सड़क बनाने के लिए रॉ मैटिरियल काफी महंगा हो गया है। तारकोल से लेकर रोडी तक के दाम काफी बढ़ गए हैं। ऐसे में सड़क कटर के दौरान उसके पुर्ननिर्माण में काफी खर्चा आ रहा था। जबकि रोड कटर करने वाली कंपनियों या निजी लोगों से पुराने दर पर ही वसूली की जा रही थी। रोड कटर शुल्क बढ़ने से अब कुछ राहत विभाग को मिलेगी।
Published on:
06 Jul 2022 03:42 pm
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