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31 मई को ठहर सकते हैं ट्रेनों के पहिए, स्टेशन मास्टर जाएंगे अवकाश पर

सरकार विरोधी नीतियों के विरोध में अब 31 मई को मेरठ सहित देश भर के स्टेशन मास्टर सामूहिक अवकाश पर जाएंगे। यह निर्णय आल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन ने सामूहिक रूप से लिया है। एसोसिएशन का कहना है कि वो पिछले कई साल से अपनी मांगों को लेकर सरकार को ज्ञापन दे चुके हैं। लेकिन इसके बाद भी उनकी मांगों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

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मेरठ

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Kamta Tripathi

May 15, 2022

31 मई को ठहर सकते हैं ट्रेनों के पहिए, स्टेशन मास्टर जाएंगे अवकाश पर

31 मई को ठहर सकते हैं ट्रेनों के पहिए, स्टेशन मास्टर जाएंगे अवकाश पर

आगामी 31 मई को देश भर में ट्रेनों के संचालन पर ब्रेक लग सकता है। अपनी पुरानी मांगों को लेकर देश भर के स्टेशन मास्टर ने इस दिन अवकाश पर जाने का निर्णय लिया है। अगर सरकार स्टेशन मास्टरों की मांगों पर गौर करती है तो स्टेशन मास्टर एसोसिएशन अपने इस निर्णय को बदल भी सकती है। दशकों से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन करते आ रहे रेलवे के स्टेशन मास्टर इस बार आगामी 31 मई को सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। बता दें अपनी मांगों को लेकर आल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन पिछले कई साल से आंदोलन कर रहे हैं। यह बात आज पत्रकार वार्ता के दौरान ऑल इंडिया स्टेशन मास्टर्स एसोसिएशन के सचिव अजय कुमार ने दी।


उन्होंने कहा कि एसोसिएशन ने स्टेशन मास्टर की समस्याओं के समाधान के लिए एक दिन के लिए पूरे देश में आगामी 31 मई को देश भर के स्टेशन मास्टरों को सामूहिक छुट्टी पर जाने की घोषणा की है। उन्होंने कहा संगठन ने कई बार स्टेशन मास्टरों की समस्याओं को ध्यान में रखकर आंदोलन किए और ज्ञापन दिए। इसके लिए रेल अधिकारियों से भी मिले। लेकिन रेलवे अपने कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान की अनदेखी कर रहा है।

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उन्होंने कहा पूरे देश में 35 हजार स्टेशन मास्टर 2020 से अपनी मांगों के निस्तारण को लेकर संघर्षरत हैं। उन्होंने अपनी सात सूत्रीय मांगों को लेकर बताया की नाइट ड्यूटी भत्ता की वेतन सीलिंग लिमिट रुपए 43600 आदेश रद्द किया जाए। रेलवे रिकवरी का आदेश वापस ले। स्टेशन मास्टरों के खाली पड़े पदों को भरा जाए। एमएसीपी योजना का लाभ 2016 से दिया जाए। स्टेशन मास्टर को सेफ्टी एवम तनाव भत्ता दिया जाए।