scriptOpposition's uneasiness with BJP increased in West UP, Owaisi burglar | UP Assembly Election 2022 : वेस्ट यूपी में विपक्षियों की बेचैनी बढ़ी, मुस्लिम वोटों में औवैसी की सेंधमारी | Patrika News

UP Assembly Election 2022 : वेस्ट यूपी में विपक्षियों की बेचैनी बढ़ी, मुस्लिम वोटों में औवैसी की सेंधमारी

UP Assembly Election 2022 : इस समय वेस्ट यूपी में राजनीतिक पैतरेबाजी तेजी से जारी है। टिकट न मिलने पर कई नेता दल बदल रहे हैं। तो वहीं कुछ दलों की बेचैनियां भी भाजपा को लेकर है। विपक्षी दलों की कोशिश है कि इस बार भाजपा फिर से सरकार न बनाए। जबकि भाजपा को उम्मीद है कि प्रदेश में एक बार फिर से उनकी सरकार बनेंगी।

मेरठ

Published: January 10, 2022 07:37:18 pm

पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मेरठ . UP Assembly Election 2022 : वेस्ट यूपी में ठंड के बीच सियासी सरगर्मियां पूरी तरह से उफान पर हैं। मतदान के तिथियों की घोषणा होने से पहले ही दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी थी। लेकिन इस तैयारी में सबसे आगे जो निकला वह है। सत्तादल भाजपा। इस पार्टी ने जन आशीर्वाद यात्रा से पश्चिमी उप्र के साथ ही प्रदेश का माहौल अपने पक्ष में करने की भरकस कोशिश की।
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Nationwide strike of employees against NPS एनपीएस के खिलाफ कर्मचारियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल 23-24 फरवरी को,UP Assembly Election 2022 : वेस्ट यूपी में भाजपा से विपक्षियों की बेचैनी बढ़ी, मुस्लिम वोटों में औवैसी की सेंधमारी
भाजपा की इस कोशिश के बाद बदले समीकरण से विपक्षी दलों की बेचैनी है। रही सही कसर विपक्षी दलों की मुसलिम वोटों की राजनीति में एआईएमआईएम के मुखिया असदउद्दीन ओवैसी की सेंधमारी ने पूरी कर दी है। जिस कारण मुसलिम वोटों के बदौलत प्रदेश में सरकार बनाने का सपना देख रहे विपक्षी सूरमाओं के पेशानी पर बल आ गया है और अब वह सुरक्षित ठिकाना ढूंढ रहे हैं। रालोद से हाथ मिलाने के बाद भी सपा के माथे पर भी चिंता की लकीरें हैं। सपा भले ही रालोद को लेकर मैदान में उतर रही है। लेकिन पार्टी के दिग्गजों और राजनैतिक पंडितों का मानना है कि राह इतनी आसान भी नहीं है। जितनी कि सोची जा रही है।
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जयंत से लेकर चंद्रशेखर और इमरान की छटपटाहट
रालोद सुप्रीमो जयंत चौधरी से लेकर चंद्रशेखर आजाद और इमरान मसूद तक की छटपटाहट सामने आ रही है। चंद्रशेखर ने तो अभी ततक अपने पत्ते भी नहीं खोले हैं। जबकि इमरान मसूद कांग्रेस छोड़ अब सपाई हो गए हैं। पश्चिमी यूपी में भाजपा की तैयारी से रालोद मुखिया जयंत चौधरी से लेकर भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद और कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव इमरान मसूद तक की छटपटाहट सामने आ रही है।
इस बारे में चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी के राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर डॉ0 राजेंद्र पांडेय का कहना है कि पश्चिमी यूपी में भाजपा पिछले कुछ दिनों में मजबूत हुई है। इसका असर विपक्ष पर पड़ रहा है। रालोद के बेस वोट जाट और मुसलिम में सेंधमारी की तैयारी चल रही है। मुसलिम वोट में ओवैसी ने सेंधमारी की है। ऐसे में यह कहा जा सकता है कि सपा-रालोद गठबंधन के बावजूद दोनों दलों के मुखियाओं के माथे पर चिंता की लकीरें हैं।
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दलित वोटों में सेधमारी को करनी होगी मेहनत
पश्चिमी यूपी में दलित वोटों की तो,अब भीमआर्मी इस वोट बैंक के सहारे चुनाव मैदान में उतरने का सपना देख रही है। लेकिन राह इतनी आसान नहीं है। दलित वोट बैंक को अपने पाले में करने के लिए चंद्रशेखर को अभी और मेहनत करनी होगी। वहीं भाजपा के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डा0 लक्ष्मी कांत वाजपेयी का कहना है कि बिहार में जो हश्र कन्हैया कुमार का हुआ था, वही यहां चंद्रशेखर का होने वाला है। दलित चिंतक डा0 चरण सिंह लिसाडी का कहना है कि भाजपा को पिछले कई चुनावों में बड़ी मात्रा में दलित वोट मिला है और आने वाले समय में संभावना है कि इस बार दलित के साथ ओबीसी वोट भी भाजपा को जा सकता है।
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मुस्लिम वोटों में बिखराव का लाभ होगा भाजपा को
मेरठ निवासी सच संस्था के अध्यक्ष डॉ. संदीप पहल का कहना है कि हिंदुओं के खिलाफ भड़काऊ भाषणों से इमरान मसूद राजनीति में चमका,लेकिन वेस्ट यूपी में ओवैसी की एंट्री से मुसलिम वोटों की राजनीति डगमगा गई है। इसलिए इमरान मसूद एंड कंपनी सपा के रूप में नया ठिकाना तलाश रहे थे। उन्हें डर है कि अगर मुसलिम वोट बंटा, तो हार तय है। हिंदुओं का वोट सपा के माध्यम से लेने के लिए यह इमरान की नई चाल है। पश्चिम में मुसलिमों के वोटों के बिखराव का लाभ भाजपा को मिल सकता है। हालांकि इमरान मसूद के जाने से सपा मजबूत होगी, लेकिन सपा को कितना लाभ मिल पाएगा, यह आने वाला वक्त ही बता पाएगा। क्योंकि इससे पहले सपा और बसपा ने भी गठबंधन किया था, लेकिन बहुत कारगर साबित नहीं हो पाया था।

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