इसके तहत लोगों को कूड़ा तीन प्रकार जैविक, अजैविक और घरेलू को अलग-अलग कूड़ेदान में रखना होगा। यही नहीं सभी आवासीय परिसर, रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन और अन्य प्रतिष्ठानों को भी ये व्यवस्था करनी होगी।गीला कचरा का कंपोस्टिंग आदि के जरिए प्रोसेसिंग, निस्तारण संबंधित प्रतिष्ठानों द्वारा अपने परिसर में ही किया जाएगा। यही नहीं किसी भी कार्यक्रम, जिसमें 100 या उससे अधिक लोग शामिल होते हैं,तब आयोजक को ही कार्यक्रम के बाद स्थल पर सफाई करानी होगी। नहीं तो क्षेत्रफल और कचरे का हिसाब लगाकर जुर्माना वसूला जाएगा। इसी तरह फेरी-पटरी दुकानदार को भी बंद डिब्बा अपने पास रखकर कूड़ा एकत्र करना होगा।