
मेरठ। नागरिकता संशोधन कानून (Citizenship Amendment Act) के विरोध में 20 दिसंबर को मेरठ (Meerut) में लिसाड़ी गेट और हापुड़ रोड पर हुए बवाल (Bawal) में फायरिंग करने वाले बवालियों की पहचान पुलिस (Police) ने की है। पुलिस का दावा है कि सीसीटीवी (CCTV) फुटेज से फायरिंग करने वाले बवालियों की पहचान की गई है। पुलिस ने ऐसे तीन लोगों को चिन्हित किया है। एसएसपी अजय साहनी (SSP Ajay Sahni) ने तीनों की गिरफ्तारी पर 20-20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। इनमें एक उपद्रवी फैसल निवासी करीम नगर है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए दबिश डाल रही है, लेकिन वह फरार मिला। फैसल पर 20 दिसंबर को गली से निकलकर तमंचे से गोली चलाने का आरोप है। दो क नाम-पते पुलिस ने नहीं बताए हैं।
CAA के विरोध में 20 दिसंबर को उपद्रवियों ने चार घंटे तक उपद्रव किया था। पुलिस प्रशासन पर पथराव करने के साथ उपद्रवियों पर गोलियां चलाने का आरोप है। 25 दिसंबर को पुलिस के हाथ सीसीटीवी कैमरे की फुटेज लगी। जिसमें लिसाड़ी गेट में उपद्रवी गोली चलाते दिखाई दे रहे थे। पुलिस की अभी तक जांच में चर्चा है कि फैसल समेत कई युवकों को उपद्रव के लिए तमंचे और पिस्टल बांटे गए थे। जांच में यह बिन्दु भी रखा गया है कि उपद्रवियों के पास तमंचे और पिस्टल कहां से आए और किसने दिए।
पुलिस इस संबंध में जांच में जुटी हुई है। पुलिस अफसरों का कहना है कि उपद्रवियों की की गिरफ्तारी के बाद ही आरोपियों के बारे में जानकारी दी जा सकेगी। उपद्रव के दौरान पीएफआई और एसडीएफआई के जुड़े होने की भी चर्चा है। पुलिस 20 दिसंबर को हुए उपद्रव में 180 नामजद व 225 चिह्नित उपद्रवियों की तलाश कर रही है। हालांकि उपद्रवियों की गिरफ्तारी पुलिस के लिये चुनौती बनी हुई है। मेरठ के बवाल में पुलिस सिर्फ 15 आरोपियों को गिरफ्तार कर सकी है। उपद्रवियों की घेराबंदी के लिए पुलिस प्लान बना रही है। साथ ही दो इन क्षेत्रों के गणमान्य लोगों से भी बातचीत कर रही है, ताकि इनको आरोपियों को गिरफ्तार किया जा सके। एसएसपी अजय साहनी का कहना है कि 405 लोगों को चिन्हित किया गया है। इनकी तलाश में पुलिस की टीमें लगी हुई हैं। उपद्रवियों को बक्शा नहीं जाएगा और बेकसूरों को परेशान नहीं किया जाएगा।
Published on:
02 Jan 2020 01:56 pm
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