11 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Meerut: रावण की पत्नी मंदोदरी ने इस जिले में स्थापित किया था शिवलिंग, आज भी है ये मान्यता

Meerut Shardiya Navratri: मेरठ को रावण की ससुराल कहा जाता है। मेरठ के सदर स्थित बिल्वेश्वर महादेव मंदिर में रावण की पत्नी मंदोदरी पूजा करने आती थीं। बिल्वेश्वर महादेव मंदिर में स्थापित देवी की अपनी अलग मान्यता है।  

3 min read
Google source verification

मेरठ

image

Kamta Tripathi

Oct 16, 2023

 Bilveshwar Mahadev Temple

Meerut: रावण की पत्नी मंदोदरी ने इस जिले में स्थापित किया था शिवलिंग, आज भी है ये मान्यता

Meerut Shardiya Navratri: मेरठ कभी मय दानव के अखाड़े के नाम से जान जाता है। इसके बाद इसको मयराष्ट्र के नाम से जाना गया। आज ये मेरठ के नाम से विश्व में प्रसिद्ध हैं। मेरठ में महाबली रावण की ससुराल भी है। इतिहासकारों के अनुसार मेरठ में रावण की पत्नी मंदोदरी का मायका था।

बिल्वेश्वर महादेव मंदिर में पूजा करने आती थीं मंदोदरी
बिल्वेश्वर महादेव मंदिर के पुजारी हरीश जोशी की माने तो बिल्वेश्वर महादेव मंदिर में शिवलिंग की स्थापना मंदोदरी द्वारा की गई थी। मंदोदरी इसी मंदिर में आकर शिव की पूजा अर्चन करतीं थीं। रावण भी शिव के बहुत बड़े उपासक थे। मंदोदरी भी शिव की पूजा में लीन रहती थीं। कहते हैं शिव के आर्शिवाद से से ही रावण और मंदोदरी का विवाह संपन्न हुआ था।

मंदिर की दीवार चूना और मिटटी से बनी
विवाह के बाद भी मंदोदरी बिल्वेश्वर महादेव मंदिर में पूजा के आती थीं। आज भी वो शिवलिंग उसी स्थान पर है। मंदिर भी अपने पुराने ही स्वरूप में है। कहते हैं इस मंदिर में रावण भी कई बार शिव की पूजा के लिए आए थे। पंडित हरीश जोशी ने बताया कि मंदिर की दीवार चूना और मिटटी से बनी हुई हैं। जो कि आज की सीमेंट की दीवारों से अधिक मजबूत है।



जिस मंदिर में शिवलिंग और देवी की प्रतिमा स्थापित है उसके स्वरूप से कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है। देखने में मंदिर आज भी पुराने समय का ही प्रतीत होता है। कहते है। सावन के महीने में और नवरात्र में इस मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटती है।

विल्वेश्वर महादेव में स्थापित देवी के दरबार से खाली नहीं जाता कोई
मेरठ के एतिहासिक बिल्वेश्वर महादेव मंदिर परिसर में देवी दुर्गा की प्रतिमा स्थापित है। बताया जाता है कि देवी की प्रतिमा सैकड़ों वर्ष पूर्व स्थापित की गई थी। लेकिन करीब 20 साल पहले मूर्ति का स्वरूप बदल दिया गया। लेकिन देवी का स्थान वहीं है। नीचे भगवान शिव शिवलिंग स्वरूप में विराजमान हैंं और उनके सामने ही देवी की प्रतिमा स्थापित है।

आरती के समय मंदिर प्रांगण पूरी तरह से भर जाता है
कहते हैं नवरात्र में बिल्वेश्वर महादेव मंदिर में स्थापित देवी की पूजा अर्चना करने जो भी आता है देवी उसकी मनोकामना जरूर पूरी करती हैं।

यह भी पढ़ें : Meerut Gymkhana Ramlila: श्रीराम के जन्मोत्सव पर अयोध्या में मनी खुशियां, ऋषि विश्वामित्र का हुआ आगमन; देखें फोटो

नवरात्र में देवी के उपासकों की मंदिर में सुबह और शाम के समय काफी भीड़ जुटती है। सुबह शाम शिव की आरती के साथ ही दुर्गा देवी की आरती भी होती है। जिसमें सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालुगण भाग लेते हैं। आरती के समय मंदिर प्रांगण पूरी तरह से भर जाता है।