1 मई 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

इस सरकारी नौकरी में घर बैठकर आराम करने पर मिलेगी 50 हजार रुपये सैलरी

उत्‍तर प्रदेश सरकार अपने 115 सरकारी कर्मचारियों को घर बैठकर आराम करने पर देगी 50 हजार रुपये वेतन

2 min read
Google source verification

मेरठ

image

sharad asthana

Jul 31, 2018

Note

इन सरकारी नौकरी में घर बैठकर आराम करने पर मिलेगी 50 हजार रुपये सैलरी

बागपत। आप पूरे दिन मेहनत करते हैं, तब जाकर आपके खाते में महीने के 25 या 50 हजार रुपये आते हैं। लेकिन अगर हम आपको बताएं कि एक ऐसी नौकरी भी है, जिसमें घर में आराम करने पर महीने के 50 हजार रुपये मिल रहे हैं अौर वह भी नियमित, तो शायद आप यकीन नहीं करेंगे। लेकिन यह सच है। जी हां, उत्‍तर प्रदेश में एक सरकारी विभाग ऐसा भी है, जिसमें कार्य करने वाले कर्मचारी घर पर आराम करने के 50 हजार रुपये लेंगे।

यह भी पढ़ें:गजब: उत्‍तर प्रदेश के लाखों लेखपालों को मिलते हैं साइकिल भत्‍ते के रूप में 100 रुपये

50 हजार रुपये है मासिक वेतन

दरअसल, दूसरे जिलों से ट्रांसफर होकर 115 शिक्षक बागपत जिले में आए। इनको मासिक वेतन 50 हजार रुपये मिलता है। करीब एक माह से यह अपनी पोस्टिंग का इंतजार कर रहे हैं। हालांकि, ये बीएसए दफ्तर पर आमद दर्ज करा चुके हैं लेकिन अभी तक उनको तैनाती नहीं मिली है। इस वजह से ये शिक्षक घर बैठे आराम फरमा रहे हैं। मतलब सरकार करीब एक महीने का इनको 50 लाख से ज्‍यादा रुपये का वेतन देगी। उधर, बच्‍चे स्‍कूल में अध्‍यापकों के इंतजार में बैठे हैं।

यह भी पढ़ें:आर-पार की लड़ाई के मूड में लेखपाल, प्रशासन भी झुकने को तैयार नहीं, देखें वीडियो

स्‍कूलों में नहीं मिली तैनाती

दूसरे जिलों से आए 115 शिक्षकों को एक माह बाद भी स्कूलों में तैनाती नहीं मिली है। इन शिक्षकों ने 28 जून तक बागपत के बीएसए दफ्तर में आमद दर्ज करा दी थी। एक माह बीत जाने के बाद भी उनको स्कूल नहीं भेजा गया है। इनमें 90 फीसदी अध्यापिकाएं हैं। स्कूलों में नियुक्त करने के लिए 23 जुलाई को शिक्षकों की काउंसिलंग शुरू हुई। प्राथमिक स्कूल के 64 शिक्षकों की काउंसिलंग हो गई, लेकिन नियुक्ति आज तक नहीं मिली।

यह भी पढ़ें: मांगों को लेकर चल रही लेखपालों की हड़ताल 15 दिन बाद समाप्त

30 फीसदी स्‍कूल अध्‍यापकों के इंतजार में

वहीं, उच्च प्राथमिक स्कूलों के 51 शिक्षकों की काउंसिलिंग रोक दी गई थी। इनकी काउंसिलिंग रोकने के पीछे तर्क दिया गया कि शिक्षकों के गणित तथा विज्ञान के विषय का विवाद है। अभी किसी भी शिक्षक को स्कूल आवंटित नहीं हुआ है। स्कूल नहीं मिलने से अधिकांश शिक्षक अपने घरों में आराम फरमा रहे हैं। जिले के 30 फीसदी स्कूल अध्यापक के इंतजार में हैं।

यह भी पढ़ें:हड़ताली लेखपालों पर योगी सरकार सख्त, अब तक 8000 लेखपालों को किया निलंबित

जल्‍द होगी नियुक्ति

इस मामले में बेसिक शिक्षा अधिकारी चंदक्रेश यादव का कहना है कि उन्‍होंने प्राथमिक स्कूलों के शिक्षकों की काउंसिलिंग कराकर डायट प्राचार्य को भेज दी है। जल्‍द ही उनको नियुक्ति दे दी जाएगी। उनका कहना है कि वह उच्च प्राथमिक स्कूलों के शिक्षकों की काउंसिलिंग कराने को भी डायट प्राचार्य से तारीख देने का अनुरोध करेंगे। वहीं, डायट बड़ौत प्राचार्य विनय कुमार गिल ने कहा कि कागजी औपचारिकता पूरी होने पर शिक्षकों की स्कूलों में नियुक्ति हो जाएगी।

बड़ी खबरें

View All

मेरठ

उत्तर प्रदेश

ट्रेंडिंग