
Shri Krishna Janmashtami 2021: मेरठ. पांच हजार साल बाद इस बार रोहिणी नक्षत्र (Rohini Nakshatra) में कान्हा (Krishna) का जन्म होगा। जो कि अपने आप में ग्रहों और नक्षत्रों का अदभुद संयोग बताया जा रहा है। ग्रहों और नक्षत्रों के इस अदभुद संयोग में जब कृष्ण (Krishna) जन्म लेगे तो पूरा मेरठ झूम उठेगा। इस समय मंदिरों और घरों में कृष्ण जन्माष्टमी (Shri Krishna Janmashtami 2021) की तैयारियां चल रही है। पिछली साल की तरह इस साल भी कोविड प्रोटोकाल के तहत ही मंदिरों में कृष्ण जन्माष्टमी (Shri Krishna Janmashtami 2021) मनाई जाएगी। लेकिन पिछले साल की अपेक्षा इस बार कोरोना (Corona) संक्रमण का असर कुछ कम है। जिसके चलते मटकी फोड़ कार्यक्रम के साथ ही झांकियां भी सजाई जाएगी। यहां तक कि इस बार कई जगह मटकी फोड़ प्रतियोगिता भी होगी।
कोविड प्रोटोकाल के तहत मंदिरों में मनाई जाएगी जन्माष्टमी
वहीं सभी जगह कोरोना (Corona) से बचाव के नियम अपनाने की बात कही जा रही है। हालांकि लोगों ने महामारी के चलते पिछले साल की तरह ही इस बार भी जन्माष्टमी (Shri Krishna Janmashtami 2021) पर्व को अपने घरों में ही मनाने की तैयारी की है। लेकिन, इस बार कान्हा के जन्मोत्सव की तैयारियां मंदिरों के अलावा कालोनी और शहर में भी की जा रही है। कहीं रुई की झांकी की तैयारी हो रही है, तो कहीं नाव की झांकी सजेगी। जन्माष्टमी (Shri Krishna Janmashtami 2021) पर्व पर मेरठ (Meerut) में जगह-जगह भगवान कृष्ण के बाल रूप की झांकियां सजाते हैं। इस बार भी बच्चों ने अपनी तैयारी शुरू कर दी है। कहीं पर जेल में कान्हा की झांकी सजेगी तो कहीं यमुना में वासुदेव बालकृष्ण को अपने सिर पर ले जाते हुए दिखाई देंगे।
कान्हा की ड्रेस से सज गए मेरठ के बाजार
मेरठ के प्रसिद्ध औघडनाथ मंदिर में इस बार विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। वहीं इस्कान मंदिरों में भी कृष्ण जन्मोत्सव (Shri Krishna Janmashtami 2021) के विशेष आयोजन किए जाएंगे। श्री शिव मंदिर में इस बार जन्माष्टमी पर फूलों से मंदिर सजाने के साथ ही झांकी भी लगाई जाएगी। कोरोना (Corona) गाइड लाइन का पालन करते हुए एक बार में सीमित संख्या में ही भक्तों को झांकी देखने का मौका मिलेगा। बाजारों और मंदिरों में भी कृष्ण जन्माष्टमी (Shri Krishna Janmashtami 2021) की तैयारी चल रही है। बाल गोपाल के जन्म के लिए नई पोशाक से लेकर हार सिंगार, मोर मुकुट, झूलों से दुकानें सजीं हुई हैं। बाजार में कृष्ण के लिए कई प्रकार की बांसुरी भी उपलब्ध है।
BY: KP Tripathi
Updated on:
30 Aug 2021, 8:24 AM IST
Published on:
28 Aug 2021, 2:13 PM IST
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