
मेरठ। जेल में बंद जानलेवा हमले के आरोपी धर्मेंद्र जाटव के मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है। सपा कार्यालय में प्रेस कांफ्रेंस में वादी पंकज ने बताया कि धर्मेंद्र के खिलाफ साजिश रची गई है। वह अपनी गलती स्वीकार करके एसएसपी को शपथ पत्र सौंप चुका है। सपा नेता अतुल प्रधान का कहना है कि सरधना विधायक संगीत सोम और उनके पिता ओमवीर सिंह पर गंभीर आरोप लगाए। धर्मेंद्र को जानलेवा हमले में जेल पहुंचाने वाला पंकज बयान से पलट गया। वायरल ऑडियो और वीडियो में उसने बताया कि गांव के ही यशपाल और मुकेश ने उसे इस्तेमाल किया है।
पंकज ने पत्रकारों को बताया कि दौराला की सीएचसी में नशे का इंजेक्शन देकर उसका कान काटा और सिर में निशान लगाकर टांके भरे गए। इसकी एवज में 30 हजार की रकम दी गई। उससे अंगूठा लगाकर दौराला थाने में मुकदमा दर्ज कराया, जबकि धर्मेंद्र ने कोई हमला नहीं किया। 15 जनवरी को सलावा निवासी पंकज ने आरोप लगाया था कि सरधना थाना क्षेत्र के गाव रार्धना निवासी धर्मेंद्र ने अपने साथी सोनू और रविंद्र निवासी जानसठ मुजफ्फरनगर और एक अन्य के साथ मिलकर दादरी में जानलेवा हमला कर दिया। पुलिस ने धर्मेंद्र को सिविल लाइन की हाइडिल कालोनी से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। एक माह बाद ही पंकज पूरे घटनाक्रम से पलट गया।
पंकज की एक ऑडियो और वीडियो वायरल हुई। साथ ही उसने शपथ पत्र भी पुलिस को दिए है, जिसमें धर्मेंद्र को बेगुनाह बताया है। पंकज ने बताया कि बागपत में भट्टे पर काम कर रहा था। तभी सलावा के यशपाल और मुकेश ने संपर्क किया। मुकेश अक्सर परिवार के सदस्य ब्याज पर रकम लेते हैं। मोदीपुरम आने के बाद मुकेश और यशपाल मुझे सीएचसी दौराला ले गए, जहां पर डाक्टर ने एक नशे का इंजेक्शन दिया। बेहोश होने पर मेरा कान और सिर पर में निशान बनाकर टांगे भरे गए। उसके साथ अस्पताल में पुलिस बुलाकर तहरीर पर अंगूठा लगवाया। उसके बाद बिना थाने जाए ही मुकदमा दर्ज हो गया। मुकेश ने इसकी एवज में ब्याज पर दिए 30 हजार रुपये खत्म करने की बात कही थी। बाद में सपा नेता अतुल प्रधान ने संपर्क किया। अतुल प्रधान का कहना है कि विधायक संगीत सोम अपने पिता को बचाने के लिए झूठे मुकदमे दर्ज करा रहे हैं। सत्ता का दुरुपयोग कर रहे हैं, जबकि पांच साल पुराने विवाद के बाद पीडि़त परिवार मेरठ में किराए पर रहने को मजबूर है।
पांच साल से चल रहा मामला
2015 में भाजपा विधायक संगीत सोम के पिता ओमबीर सिंह के ईट भट्टे पर धर्मेंद्र लेबर ठेकेदार था। धर्मेंद्र ने भट्टा मालिक और मुंशी धर्मपाल पर बंधक बनाकर नाखून खींचने का मुकदमा दर्ज कराया था। विधायक के पिता को सरेंडर करना पड़ा। इस मामले में सीओ सस्पेंड और कप्तान हटाए गए थे। मुकदमा फिलहाल ट्रायल पर है। इसी बीच विधायक के पिता पर मुकदमा दर्ज कराने वाले धर्मेद्र को दौराला पुलिस ने पकड़कर जेल भेज दिया।
Updated on:
15 Feb 2020 03:26 pm
Published on:
15 Feb 2020 03:19 pm
बड़ी खबरें
View Allमेरठ
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
