
भाजपा नेता बिकुल फोटो सोर्स पत्रिका
मेरठ में भाजपा नेता विकुल चपराणा का वीडियो वायरल होने के बाद अब पूरा मामला पलट गया है। कभी सत्ता के नशे में कारोबारी से सड़क पर नाक रगड़वाकर माफी मंगवाने वाला यही नेता अब पुलिस कार्रवाई की आहट मिलते ही खुद दया की भीख मांगता दिख रहा है।
मेरठ पुलिस ने बुधवार रात पुलिस ने उसके खिलाफ धाराएं बढ़ाते हुए गिरफ्तारी के लिए दबिश दी। लेकिन इससे पहले ही वह फरार हो गया। माना जा रहा है कि उसे दबिश की खबर पहले ही मिल गई थी। फिलहाल पुलिस दावा कर रही है कि उसकी तलाश जारी है। जबकि विकुल सोशल मीडिया पर लगातार सफाई वाले वीडियो डाल रहा है। अपने ताज़ा वीडियो में विकुल चपराणा ने कहा कि वायरल क्लिप में जो दिखाया जा रहा है। वह पूरी तरह झूठा और भ्रामक है। उसने दावा किया कि व्यापारी सत्यम रस्तोगी की किसी अन्य व्यक्ति से बहस हो गई थी। उसी दौरान विवाद बढ़ गया। उसने बताया कि सत्यम ने मंत्री सोमेंद्र तोमर के खिलाफ अभद्र टिप्पणी की। जिसका उसने विरोध किया था। इसके बाद सत्यम ने उसे और उसके परिवार को गालियां दीं। तभी उसने गुस्से में कहा कि अगर सबके सामने अपशब्द बोले हैं। तो सबके सामने माफी भी मांगो। लेकिन किसी से नाक रगड़वाई नहीं।
विकुल ने आगे कहा कि जिस दिन घटना हुई। उसी शाम पुलिस सत्यम को थाने ले गई थी। वह खुद भी थाने पहुंचा था। ताकि मामला शांत हो सके। उसने कहा कि उसका मकसद किसी का त्योहार खराब करना नहीं था। उसने मंत्री सोमेंद्र तोमर का नाम खींचे जाने पर नाराजगी जताई। कहा कि मंत्री का इस प्रकरण से कोई संबंध नहीं है।
नेता ने यह भी कहा कि न तो उसने और न उसके साथियों ने सत्यम से मारपीट की या कोई तोड़फोड़ की। “अगर मैंने कुछ गलत किया है। तो पुलिस या समाज जो भी फैसला करेगा। मैं मानने को तैयार हूं। विकुल ने कहा। साथ ही उसने स्वीकार किया कि गुस्से में उससे कुछ अपशब्द जरूर निकल गए थे। जिसके लिए वह वैश्य समाज और सत्यम रस्तोगी दोनों से क्षमा मांगता है। अंत में विकुल ने अपील की कि बिना जांच के उसे दोषी न ठहराया जाए और कहा कि वीडियो को जानबूझकर काट-छांटकर वायरल किया गया है। उसने कहा कि मैं सिर्फ निष्पक्ष जांच चाहता हूं। और एक बार फिर सबके सामने माफी मांगता हूं।
Updated on:
24 Oct 2025 04:03 pm
Published on:
24 Oct 2025 04:03 pm
