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मौत के आखिरी 30 सेकंड, मरती हुई मां बोली…हैवान बेटी को उठा ले गया बचाओ

यूपी के मेरठ में दलित महिला की हत्या के बाद दबंग उसकी बेटी को उठा ले गया। वारदात के बाद गांव में तनाव है।

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मेरठ

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Aman Pandey

Jan 09, 2026

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मेरठ में महिला की हत्या को लेकर हंगामा करते ग्रामीण।

उत्तर प्रदेश के मेरठ में दलित महिला सुनीता की हत्या और उनकी बेटी रूबी के अपहरण के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया। महिला की हत्या की खबर फैलते ही परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। परिवार ने पुलिस पर बिना बताए शव को अस्पताल से सीधे पोस्टमॉर्टम हाउस ले जाने का आरोप लगाते हुए एम्बुलेंस को रोक लिया और तोड़फोड़ की। साथ ही शव को उठाने से साफ मना कर दिया। परिजन आरोपियों की फौरन गिरफ्तारी और रूबी की सुरक्षित बरामदगी की मांग पर अड़ गए। अधिकारियों ने समझा-बुझाकर लोगों को शांत किया। करीब दो घंटे के हंगामे के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा जा सका।

घटना कैसे हुई?

घटना सुबह करीब 8 बजे की है। सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव की सुनीता अपनी बेटी रूबी के साथ गन्ने के खेत पर छिलाई का काम करने जा रही थीं। गांव के बाहर रजवाहा पुल के पास पारस सोम अपने साथियों सुनील और दो-तीन अन्य लोगों के साथ पहुंचा। आरोपियों ने रूबी को जबरन बाइक पर बैठाने की कोशिश करने लगा। मां सुनीता ने बीच-बचाव किया और बेटी को छुड़ाने की कोशिश की, तो पारस ने फरसे से उनके सिर पर कई वार किए। हमले में सुनीता लहूलुहान होकर गिर पड़ीं। इसके बाद आरोपी रूबी को लेकर फरार हो गए। ग्रामीणों ने घायल सुनीता को तुरंत निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां दोपहर में उनकी मौत हो गई।

अस्पताल में हंगामा और तोड़फोड़

सुनीता की मौत की खबर जैसे ही फैली, परिजनों और गांव के लोगों का गुस्सा भड़क उठा। लोग अस्पताल पहुंचे और लाश को पोस्टमॉर्टम के लिए ले जा रही एम्बुलेंस को रोक लिया। गुस्साए लोगों ने एम्बुलेंस के शीशे तोड़ डाले और काफी देर तक हंगामा किया। करीब दो घंटे तक चले प्रदर्शन में सभी ने आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी और रूबी की सुरक्षित बरामदगी की मांग की।
पुलिस अधिकारियों ने समझा-बुझाकर लोगों को शांत किया। एसएसपी विपिन तांडा, एसपी देहात सहित कई बड़े अधिकारी मौके पर पहुंचे। आखिरकार लोगों ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जाने दिया। गांव में तनाव को देखते हुए तीन थानों की पुलिस फोर्स और पीएसी तैनात कर दी गई है।

पुलिस की कार्रवाई

महिला के बेटे ने पारस सोम और सुनील समेत अज्ञात लोगों के खिलाफ हत्या और अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया है। लड़की के भाई ने बताया- लड़की की अप्रैल में शादी होनी है। दिसंबर में ही उसकी सगाई हुई है। हम लोग बहुत गरीब है, इस घटना के बाद और टूट गए हैं। अप्रैल में ही बहन की शादी होनी है अब अब कैसे होगा।

आरोपी पारस के माता-पिता और भाई फरार हैं, जबकि दादा-दादी को पुलिस ने हिरासत में लिया है। मेरठ पुलिस का कहना है कि प्रकरण में घायल महिला की मृत्यु होने पर परिजनों से वार्ता कर नियमानुसार पोस्टमार्टम और अग्रिम कार्यवाही की जा रही है। परिजनों की तहरीर पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। दो पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में गिरफ्तारी के लिए 06 टीमें लगाई गई है । कुछ व्यक्तियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

सियासत तेज, विपक्ष का हमला

इस घटना पर सियासत गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के विधायक अतुल प्रधान अस्पताल और गांव पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की। वहीं, भीम आर्मी के कार्यकर्ता और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद के समर्थक भी बड़ी संख्या में गांव पहुंचे। भीम आर्मी कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि आरोपी ठाकुर समाज से है, इसलिए पुलिस गिरफ्तारी में देरी कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द न्याय नहीं मिला तो चंद्रशेखर खुद आएंगे और सड़कों पर बड़ा आंदोलन होगा। सपा प्रमुख अखिलेश यादव, बसपा सुप्रीमो मायावती और कांग्रेस ने भी घटना की निंदा की है और सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की है।

बसपा सुप्रीमो मायावती ने 'X' लिखा, "यूपी में मेरठ के सरधना थाना अन्तर्गत दलित माँ की हुई हत्या तथा बेटी के अपहरण की ताज़ा घटना अति-दुखद, शर्मनाक एवं चिन्तनीय। महिलाओं की इज़्ज़त-आबरू से खिलवाड़ और फिर हत्या आदि की घटनाओं को सरकार पूरी गंभीरता से लेकर दोषियों के खिलाफ तत्काल सख़्त कार्रवाई करे ताकि आपराधिक तत्वों को ऐसे घृणित कार्यों से आगे रोका जा सके। सरकार ख़ासकर महिला सुरक्षा के मामले में समुचित ध्यान दे।"