5 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सौरभ के शरीर के टुकड़े-टुकड़े करने का सच आया सामने, मुस्कान और साहिल की खौफनाक साजिश बेनकाब

सौरभ की हत्या में मुस्कान और साहिल की प्रेम कहानी के साथ पारलौकिक शक्ति, माइंड वॉश और साजिश का एंगल गहरा गया है।

2 min read
Google source verification

मेरठ

image

Aman Pandey

Mar 23, 2025

meerut saurabh murder case

मुस्कान और साहिल से पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि साहिल आत्मा और पारलौकिक शक्तियों में यकीन करता था। मुस्कान भी साहिल को इसी तरह की बातों का हवाला देकर अपने साथ मिलाए थी।मुस्कान, साहिल को भगवान शंकर और खुद को पार्वती बताती थी। जिस कैब चालक के साथ हिमाचल घूमने दोनों गए थे, उसके बयान में भी ये बात सामने आई है।

बर्थ-डे केक पर नाम लिखवाया ‘शंकर’

कैब चालक ने पुलिस को बताया मुस्कान ने साहिल के लिए जो बर्थडे केक मंगवाया था, उस पर नाम शंकर लिखवाने को कहा था। मुस्कान ने अपनी मां और भाई के नाम से दो फर्जी स्नैपचैट आईडी बनाई हुई थी। इन दोनों आईडी से मुस्कान स्नैपचैट पर मैसेज करती, जिनमें साहिल की तारीफ लिखी होती थी। इन मैसेज को साहिल को दिखाकर मुस्कान ये दिखाने का प्रयास करती थी परिजनों को मेलजोल से आपत्ति नहीं है।

शाहिल का ऐसे किया माइंड वॉश

कभी कभी अपने भाई के नाम से बनाई स्नैपचैट आईडी से मुस्कान ऐसे मैसेज करती थी भाई के अंदर साहिल की दिवंगत मां की आत्मा आ गई है और वह बातचीत कर रही है। इन मैसेज में मुस्कान खुद लिखती थी कि साहिल और मुस्कान की जोड़ी अच्छी है और मैं परलोक में बहुत खुश हूं। इनमें से एक मैसेज में साहिल और मुस्कान को यह बात भी लिखी थी अब सौरभ का वध कर दो। इसके बाद साहिल भी सौरभ की हत्या की प्लानिंग में शामिल हो गया। इस परालौकिक और माइंड वॉश की कहानी के बीच मुस्कान अपने प्रेमी साहिल को शंकर कहकर बुलाती थी।

कैब ड्राइवर से मंगाया था केक

साहिल ने बताया कि मुस्कान खुद को पार्वती और उसे शंकर कहती थी। इस बात पर कैब चालक अजब सिंह ने भी पुलिस पूछताछ में मुहर लगा दी है। अजब सिंह 14 दिन तक मुस्कान और साहिल के साथ रहा और शिमला, मनाली और कसौल लेकर गया था। अजब सिंह ने बताया कि 11 मार्च को साहिल का जन्मदिन था। मुस्कान ने व्हाट्सएप पर वॉयस मैसेज भेजकर केक लाने के लिए कहा था और केक पर शंकर नाम लिखवाने को कहा था।