18 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Meerut: दबंगों के खौफ चलते पीड़ित महिलाओं ने परिवार समेत किया पलायन

Highlights - मेरठ के परीक्षित गढ़ स्थित गांव नरंगपुर का मामला- घर में घुसकर विधवा के फाड़े कपड़े दुष्कर्म की कोशिश- बहन को बचाने आए भाई का तोड़ा हाथ, थाना पुलिस ने भी घर जाकर धमकाया

2 min read
Google source verification

मेरठ

image

lokesh verma

Jun 12, 2020

meerut.jpg

मेरठ. जिले में महिला सुरक्षा (Women Safety) के पुलिसिया दावे घटनाओं के आगे हवा हो रहे हैं। आए दिन महिलाओं के साथ मारपीट, दुष्कर्म और प्रताड़ना की घटनाएं सामने आ रही हैं। कहने को भाजपा सरकार (BJP Government) में महिलाओं को भयमुक्त समाज मिला हुआ हैं, लेकिन भाजपा के इस भयमुक्त समाज में थाना परीक्षितगढ़ के नारंगपुर गांव की महिलाएं भयभीत हैं। आरोप है कि गांव के कुछ दबंगों ने इन महिलाओं का जीना दूभर कर दिया है। इन महिलाओं ने थाने में भी दबंगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए तहरीर भी दी, लेकिन पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। बताया जा रहा है कि दबंग युवक गांव में बेखौफ घूम रहे हैं और दहशतजदा पीड़ित महिलाएं गाजियाबाद (Ghaziabad) पलायन कर गई हैं।

यह भी पढ़ें- जानिये कौन है लीना, जिसने ब्लाइंड मर्डर केस के तीन हत्यारों को पहुंचाया सलाखों के पीछे

गांव नारंगपुर की रहने वाली नीलम ने बताया कि वह विधवा है। उसके चार साल का एक बेटा है। गांव के ही पांच युवकों ने घर में घुसकर उससे और उसके परिवार की अन्य महिलाओं के साथ जमकर मारपीट की। नीलम ने बताया कि युवकों ने उसके कपड़े फाड़ दिए और बलात्कार करने की कोशिश की। बीच-बचाव में आए भाई का आरोपियों ने हाथ तोड़ दिया। शोर-शराबा होने पर आरोपी मारपीट करते हुए मौके से फरार हो गए। नीलम ने इन लड़कों के नाम शीशपाल, मनोज और कुलदीप बताए हैं। जबकि दो अन्य युवक भी इन हमलावर आरोपियों के साथ थे।

नीलम ने बताया कि आरोपियों ने उसके भाई को जान से मारने की धमकी दी है, जिसके चलते वे लोग खौफ में हैं। पीड़ितों ने दबंगों के खौफ के चलते खुद को घर में कैद कर लिया। घटना के संबंध में पीड़ित् परिवार ने थाने में तहरीर दी, लेकिन अभी तक थाने में इस संबंध में कोई मुकदमा नहीं लिखा गया। पुलिस की लापरवाही देखिए कि थाने से कोई पुलिसकर्मी पीड़ितों के पास घटना की जांच के लिए भी नहीं पहुंचा। वहीं चौकी इंचार्ज पीड़ित परिवार के पास पहुंचा और मामले में समझौते की बात करने लगा। बेचारा पीड़ित परिवार इस दहशत में मेरठ से ही पलायन कर गाजियाबाद जाकर बस गया। इस बारे में जब एसपी देहात अविनाश पांडे से बात की गई तो उन्होंने कहा कि मामला संंज्ञान में है। इस बारे में थानाध्यक्ष से बात की गई थी। उन्होंने कहा कि अगर महिलाओं को कोई परेशानी है तो वे उनसे सीधे आकर मिल सकती हैं।