
मंगरैल यानी कलौंजी
पत्रिका न्यूज नेटवर्क
मेरठ Meerut वैश्विक महामारी कोरोना Corona virus इस समय अपने चरम पर है। हर कोई इस बीमारी से बचने के लिए तरह-तरह के उपाय करने में जुटा है। ऐसे में जरूरी है कि लोग खुद को भीतर से मजबूत करें ताकि इस वायरस VIRUS से मजबूती के साथ लड़ा जा सके। कोरोना से लड़ने के लिए सावधान होने के साथ-साथ जरूरी है कि बस अपने पारंपरिक एवं भारतीय विधियों से भी खुद को लड़ने fight लिए तैयार किया जाए।
आयुर्वेदाचार्य डॉक्टर ब्रज भूषण शर्मा के अनुसार इसके लिए ज्यादा कुछ नहीं रपना बै अगर दिन में एक-दाे चुटकी मंगरैल यानी कलौंजी भी चबा लेते हैं तो वायरसों का सामना करने की शक्ति शरीर काे मिलती है। इसमें मौजूद थाइमो क्वीनोन, थाइमॉल एंटी वायरल सिद्ध हुए हैं। यही नहीं इनमें एच-1 एन-1, एन-2 व एच सीवी जैसे वायरसों को नष्ट करने की क्षमता है। इसके साथ ही अगर जावित्री, लौंग व कपूर का भांप भी लेते हैं तो अपने श्वसन संस्थान से लेकर फेफड़े तक को वायरस से बचा सकते हैं। डॉक्टर ब्रज भूषण शर्मा ने बताया कि कोरोना काल में आयुर्वेदिक औषधियों के माध्यम से अपने आपको कोरोना से लड़ने में सक्षम बना सकते हैं। उन्होंने बताया कि भांप लेने से स्वसन संस्थान पूरी तरह शुद्ध हो जाता है। भाप सांस के रास्ते फेफड़े तक पहुंचता है। इसके कारण काफी राहत मिलती है।
उन्होंने बताया कि केंद्रीय आयुष मंत्रालय के आयुष क्वाथ का मानकीकरण भी है कि क्वाथ आज सभी कंपनियां बनाकर बाजार में उतार चुकी हैं। उन्होंने बताते हैं कि काढ़ा, भाप आदि लेने के बाद भी सरकार की ओर से जारी गाइड लाइन का पालन करना बहुत जरूरी है। खासकर मास्क एवं दो गज की शरीरिक दूरी। अगर जुकाम या हल्का बुखार हो तो सिर्फ अजवाइन का भी भांप ले सकते हैं।
Published on:
20 Apr 2021 09:31 pm
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