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यूपी के इस गांव में एक दूसरे के खिलाफ हुए सैकड़ों लोग, प्रशासन में मचा हड़कंप

गांव के दो समूह एक दूसरे के खिलाफ दे रहे हैं धरना
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मेरठ

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Iftekhar Ahmed

•

Updated: 29 Oct 2018, 3:43 PM IST

Baghpat

यूपी के इस गांव में एक दुसरे के खिलाफ हुए सैकडों लोग, प्रशासन में मचा हडकंप

बागपत. बागपत जनपद के भड़ल गांव में चर्मशोधन इकाइयों के पक्ष और खिलाफ में दो पक्ष एक दुसे के खिलाफ धरने पर बैठे है। जहां एक तरफ ईकाईयों के मालिकों का परिवार पिछले 24 दिन से रोजगार बचाने के लिए धरना दे रहा है। वहीं, ईकाइयों से परेशान गांव के लोग भी 24 दिन से ईकाईयों केा बंद कराने के लिए धरना दे रहे हैं। इन ईकाई मालिकों ने अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि उनका रोजगार बंद किया तो वह भूख हड़ताल शुरु कर देंगे। ग्रामीणों की कोई अधिकारी सुध लेने नहीं पहुंच रहा है।

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यहां विदित है कि भड़ल गांव में चर्मशोधन इकाइयों को गांव से बाहर करने के लिए गांव के कुछ ग्रामीणों ने करीब डेढ़ महीना तक धरना दिया। दो दिन पहले ही एडीएम व एसडीएम ने उनके पास पहुंच कर उनकी समस्या के समाधान का आश्वासन दिया था। वहीं चर्म शोधन इकाइयों के संचालक अपने परिवार समेत धरना दे रहे हैं। उनका तर्क है कि वह गांव से बाहर चले जाएंगे, लेकिन उन्हें समुचित जगह और सुविधा दी जाए। अधिकारियों ने उनकी मांग को नाजायज बताया। अधिकारियों ने बताया कि उनके लिए गांव के बाहर जंगल में जगह दे रखी है। उनके लिए जगह की चारदीवारी व सब मर्सिबल भी करके दे रखा है। लेकिन वह यहां आना ही नहीं चाहते हैं। वहीं, धरनारत ग्रामीणों ने बताया कि उनके लिए यह जगह कम है और जंगल में इनके लिए सुरक्षा के इतंजाम भी नहीं है। उन्होंने बताया कि जब तक उन्हें अधिक जमीन नहीं मिलेगी, तब तक वह धरना देंगे। वहीं, ईकाईयों को बंद करने की मांग को लेकर भी गांव के लोग 24 दिन से धरने पर बैठे हैं। उनका कहना है कि ईकायों से गावं का पानी दुषित हो रहा है और बिमारी फैल रही है। इसलिए उनको बाहर किया जाना जरूरी हैं।इन लोगों का कहना है कि जब तक इकाईयों को बांद नहीं किया जाएगा, उनका धरना जारी रहेगा। एसडीएम आशीष कुमार का कहना है कि दोनों पक्षों को समझाने का प्रयास किया गया है लेकिन कोई भी पक्ष मानने के लिए तैयार नहीं है। कानूनी रूप से मामले को देखा जा रहा है। जल्द ही समाधान कर दिया जाएगा।

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