
UPTET Paper Leaked : मास्टर माइंड पकड़ से बाहर धरे जा रहे छुटभैया,चार साल में आउट हुए आधा दर्जन परीक्षाओं के प्रश्नपत्र
मेरठ . UPTET Paper Leaked : हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा को नकल विहीन कराने का दावा करने वाली भाजपा सरकार प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र आउट करने वालों और साल्वर गैंग की मनमानी पर अंकुश नहीं लगा सकी है। महत्वपूर्ण परीक्षा के प्रश्नपत्र आउट करना और इनको पास करवाना इन गैंग का चुटकियों का काम है। एसटीएफ प्रश्नपत्र आउट करने वालों को गिरफ्तार तो करती है। लेकिन शातिर मास्टर माइंड इनकी गिरफ्त से फिसल जाते हैं। सूत्रों की माने तो साल्वर गैंग और पेपर आउट का मास्टर माइंड एक ही है जो कि दूसरे राज्य से सरकारी व्यवस्था को ध्वस्त करता है।
यूपीटेट का पेपर लीक होने पर कहीं हंगामा तो कहीं नारेबाजी
उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटेट) का पेपर लीक होने की सूचना के बाद परीक्षा निरस्त होने पर कई जगह अभ्यार्थियों ने हंगामा किया। पेपर स्थगित होने की सूचना जैसे-जैसे परीक्षा केंद्रों को मिलती गई हंगामा बढ़ता गया। कहीं पर आधा घंटे बाद, कहीं 45 मिनट तो कहीं एक घंटे बाद परीक्षार्थियों को बीच परीक्षा उठाया गया और ओएमआर शीट ले ली गईं। इससे नाराज परीक्षार्थियों ने कई केंद्रों पर हंगामा किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लौटे।
भाजपा सरकार में लीक हो चुके आधा दर्जन प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर
भाजपा सरकार बनने के बाद अब तक आधा दर्जन परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं।
बीते चार साल में लगभग आधा दर्जन राज्य स्तर की परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं और परीक्षाएं दोबारा करानी पड़ी है। इसमें पुलिस भर्ती से लेकर टीईटी तक की परीक्षाएं शामिल हैं।
25 जुलाई 2017 दरोगा भर्ती परीक्षा से लेकर टीईटी परीक्षा तक
जानकारी के अनुसार 25 जुलाई 2017 को प्रदेश भर दरोगा भर्ती के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी। इस परीक्षा के प्रश्नपत्र परीक्षा शुरू होने से एक घंटा पहले ही सोशल मीडिया पर वायरल हो गए। जिसके बाद इस परीक्षा को निरस्त कर दिया गया था। इसी तरह मार्च 2018 में पावर कार्पोरेशन में जेई, एई के पदों पर होने वाली भर्ती केलिए परीक्षा आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में भी एसटीएफ ने गैंग पकड़ कर पेपर लीक होने का खुलासा किया था। एसटीएफ की ही रिपोर्ट पर परीक्षा रद्द की गई थी और परीक्षा दोबारा कराई गई थी। 2018 में 15 जुलाई को हुई 641 पदों के लिए भर्ती परीक्षा का पेपर लीक हो गया। इसका खुलासा एसटीएफ ने तीन महीने बाद किया था। जून 2018 में हुई सिपाही भर्ती के लिए परीक्षा का दूसरी पाली का प्रश्न पत्र पहली पाली में बंट जाने के कारण परीक्षा निरस्त कर दी गई थी। लगभग 10 लाख अभ्यर्थियों को दोबारा परीक्षा के लिए बुलाया गया था। 2 सितंबर 2018 को नलकूप आपरेटर की भर्ती के लिए आयोजित परीक्षा का पेपर लीक हो गया था, जिसमें यूपी एसटीएफ ने 11 लोगों को गिरफ्तार किया था। यह परीक्षा भी दोबारा करानी पड़ी थी।
हर परीक्षा में पकड़े जाते हैं साल्वर गैंग के सदस्य
इसके अलावा लगभग सभी प्रमुख परीक्षाओं में यूपी एसटीएफ न सिर्फ पेपर लीक करने वालों पर नजर रखती है बल्कि हर परीक्षा में कम से कम दो से चार साल्वर और साल्वर गैंग के सदस्यों को गिरफ्तार किया है। मौजूदा समय में चल रही दरोगा भर्ती परीक्षा के दौरान भी अब तक डेढ़ दर्जन साल्वर और नकल कराने वाले गिरोह यूपी एसटीएफ के हाथ लग चुके हैं। लेकिन इसके बाद भी इन शातिर गैंगों पर कानूनी की सख्ती का कोई असर नहीं दिखाई दे रहा है।
Published on:
29 Nov 2021 07:34 pm
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