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वेस्ट यूपी की खेल प्रतिभाओं को मिलेगी अपनी मंजिल, 25 एकड़ जमीन पर बनेगा खेल विश्वविद्यालय

Highlights यूपी का पहला खेल विश्वविद्यालय खुलेगा मेरठ में मेरठ के शताब्दीनगर में 25 एकड जमीन हुई चिहिन्त खेल विश्वविद्यालय की कार्ययोजना शासन को भेजी  

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मेरठ। लॉकडाउन के बीच वेस्ट यूपी लोगों के लिए खुशखबरी है। अब मेरठ में खेल विश्वविद्यालय खुलने जा रहा है। इसके लिए राज्य सरकार से अनुमति मिल गई है। पहले ये खेल विश्वविद्यालय राजधानी लखनऊ में खुलने जा रहा था, लेकिन इसी बीच सरकार ने अपना फैसला बदल दिया। अब यह खेल विश्वविद्यालय मेरठ में बनेगा। इसके लिए मेरठ के शताब्दी नगर में करीब 25 एकड़ जमीन भी चिह्नित कर ली गई है। राज्य सरकार ने मेरठ में खेल विश्वविद्यालय खोलने का फैसला इसी माह की शुरुआत में किया।

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पहले विचार किया जा रहा था कि खेल विश्वविद्यालय लखनऊ के गुरु गोविन्द सिंह स्पोट्र्स कॉलेज में खोला जाए। इसके लिए निर्माण एजेंसी के अभियंताओं ने स्पोर्ट्स कॉलेज का निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट भी खेल विभाग को सौंप दी थी। इस बीच, खेल विभाग ने मेरठ के क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी को जिम्मेदारी सौंपी है कि वे भूमि की उपलब्धता, बुनियादी सुविधाएं और संसाधनों को देखते हुए एक प्रस्ताव जल्द ही उपलब्ध कराएं। शासन ने मेरठ के डीएम अनिल ढींगरा से पूछा था कि क्या मेरठ में खेल विश्वविद्यालय के लिए जमीन उपलब्ध हो सकती है। इस पर उन्होंने जमीन उपलब्ध कराने की सहमति दे दी है।

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सूत्रों के मुताबिक खेल विश्वविद्यालय का विधेयक तैयार कर लिया गया है। विश्वविद्यालय में उभरते हुए खिलाडिय़ों को उच्च गुणवत्ता वाला प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। इस बारे में डीएम अनिल ढींगरा ने बताया कि खेल विश्वविद्यालय के लिए जमीन उपलब्ध कराने के लिए एमडीए को कहा था। जिस पर एमडीए ने इसके लिए भूमि की व्यवस्था की। खेल विश्वविद्यालय की पूरी कार्ययोजना बनाकर शासन को भेज दी गई है। उन्होंने बताया कि इससे वेस्ट यूपी की उन प्रतिभाओं को लाभ मिलेगा, जो खेल में दमखम दिखाना चाहती हैं, लेकिन सुविधाओं के अभाव में वे आगे नहीं बढ़ पाती थी।