
मेरठ. मेरठ विजिलेंस टीम के बिछाए जाल में 50 हजार की रिश्वत लेती रंगे हाथों पकड़ी गई महिला एबीएसए को आज कोर्ट में पेश किया जाएगा। महिला एबीएसए का नाम राजलक्ष्मी पांडे है और वे शामली में तैनात हैं। ड्रेस सप्लाई करने वाले एक ठेकेदार सतपाल की शिकायत पर एबीएसए को गिरफ्तार किया गया है।
विजिलेंस टीम ने काका नगर स्थित एबीएसए को उसके ही मकान से रंगों हाथों गिरफ्तार किया है। महिला एबीएसए शामली जिले के कैराना क्षेत्र में तैनात हैं। एबीएसए ने प्राइमरी स्कूल में बच्चों की ड्रेस बनाने वाले ठेकेदार से 3 लाख रुपये की रिश्वत मांगे थी। क्योंकि ठेकेदार ने प्राइमरी स्कूल के 3 हजार बच्चों की ड्रेस बनाई थी। विजिलेंस टीम ने ठेकेदार को 50 हजार रुपए के नोटों पर पाउडर लगा कर दिए थे, जो रिश्वत के तौर पर एबीएसए को देने के लिए कहा गया था। एबीएसए राज लक्ष्मी पांडे ने सतपाल ठेकेदार को काकानगर स्थित अपने आवास पर बुलाया। जहां पर उन्होंने सतपाल नाम के ठेकेदार से 50 हजार रुपये की रिश्वत ली। वहीं रिश्वत लेने के बाद मेरठ से पहुंची विजिलेंस टीम ने एबीएसए राज लक्ष्मी पांडे को उनके ही आवास से गिरफ्तार करते हुए सदर कोतवाली ले आई है।
एबीएसए पर भ्रष्टाचार अधिनियम की धारा-7 में मुकदमा पंजीकृत कर आगे की वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। सतपाल नाम के ठेकेदार का कहना है कि विजिलेंस टीम ने उसे 50 हजार रुपये के नोट दिए थे, जिन्हें लेकर वह रिश्वत देने के लिए एबीएसए के आवास पर गया था। बताया जा रहा है कि इस महिला एबीएसए पर भ्रष्टाचार के कई आरोप पहले भी लग चुके हैं, जिनकी जांच कैराना एसडीएम कर रहे हैं।
Published on:
12 Nov 2020 12:42 pm

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