
मेरठ। जिले में बीते तीन दिन पहले हाड कंपा देने वाली ठंड पड़ रही थी। ठंड से मेरठ की जनता त्राहि—त्राहि कर रही थी। वहीं गुरुवार को जिले के बदले तापमान से मौसम वैज्ञानिक भी अचंभे में हैं। मौसम वैज्ञानिकों की मानें तो ऐसा पूर्वी विक्षोभ के चलते हो रहा है। पहले उत्तरी विक्षोभ मेरठ और पश्चिम उप्र के अधिकांश जिलों में छाया हुआ था। जिसके चलते तापमान में निरंतर गिरावट दर्ज की जा रही थी।
बीते बुधवार की दोपहर से मौसम ने करवट बदली और पश्चिम के अधिकांश जिले पूर्वी विक्षोभ की जद में आ गए। जिसके चलते तापमान में निरंतर वृद्धि दर्ज की जा रही है। मौसम में अचानक हुए इस बदलाव से मौसम् वैज्ञानिक भी हैरान हैं। कृषि विवि के विशेषज्ञ डा. आरएस सेंगर के अनुसार जनवरी के प्रथम सप्ताह में आमतौर पर ऐसा बहुत कम होता है। लेकिन पूर्वी विक्षोभ के कारण ये मौसम परिवर्तन हुआ है।
वहीं डा. कंचन सिंह ने बताया कि पूर्वी विक्षोभ के कारण या तो बारिश होती है या फिर वातावरण में तापमान में वृद्धि दर्ज की जाती है। यही कारण है कि प्रदेश में पूर्वी विक्षोभ के कारण कई स्थानों पर बारिश हुई और ओले भी पड़े हैं। जबकि पश्चिम उप्र में प्रवेश करते हुए पूर्वी विक्षोभ कम पड़ गया और बारिश की संभावना अभी दो—तीन दिन के लिए समाप्त हो चुकी है। इसी कारण यहां पर तापमान में वृद्धि हो रही है। उन्होंने बताया कि तापमान में यह वृद्धि गेंहू की फसल के लिए हानिकारक है। वहीं आलू के लिए सेहतमंद है।
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बता दें कि तीन दिन पहले तक जिले का न्यूनतम तापमान घटकर 3 डिग्री तक पहुंच गया था। जो कि शुक्रवार सुबह 8 डिग्री सेंटीग्रेट तक पहुंच गया। जो कि 5 डिग्री अधिक है। यानी तीन दिन में पारे ने 5 डिग्री की छंलाग लगाई है। वहीं अधिकतम तापमान इस समय 18 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। जो कि तीन दिन पहले तक 12 तक पहुंच गया था।
Updated on:
03 Jan 2020 02:11 pm
Published on:
03 Jan 2020 02:10 pm
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