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लाखों की कीमत में बिक रहा ‘गोबर’, अब दक्षिण कोरिया समेत यहां है भारी डिमांड

Dung Export From Uttar Pradesh: अब गोबर को खरीदकर लाखों में बेच सकते है। मिर्जापुर में एक समूह गोबर खरीदकर दक्षिण कोरिया में निर्यात कर रहा। साथ देश के इन बड़े शहरों में भी सप्लाई कर रहा है।
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मिर्जापुर

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Snigdha Singh

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Updated: 18 May 2022, 7:09 PM IST

Dung Purchase Sell Lacks of Rupees in Mirjapur Export to South Korea

Dung Purchase Sell Lacks of Rupees in Mirjapur Export to South Korea

गोबर, जिसे लोग अक्सर देख कर मुंह बनाते हैं और दूर से निकल जाते हैं। उसी गोबर से लोग लाखों का व्यापार कर रहे हैं। किसानों से गोबर खरीद कर दूसरे देखों में निर्यात कर रहे हैं। हालांकि उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि विभाग ने भी अब किसानों से गोबर खरीदने की बात कही है। यूपी के मिर्जापुर में किसानों से गोबर खरीद कर दक्षिण कोरिया समेत देश के 10 राज्यों में इससे बना कंपोस्ट भेजा जा रहा है। इससे किसानों से लेकर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से तमाम महिलाओं और युवाओं को रोजगार भी मिल रहा है। आइए सबसे जानते हैं कि कैसे और गोबर से क्या होता है।

वर्मी कम्पोस्ट खाद होती है तैयार

मिर्जापुर में गोबर किसानों से गोबर खरीदकर वर्मी कम्पोस्ट खाद तैयार की जा रही है। महिलाओं के एक समूह ने गोबर से खाद बनाना शुरू की। इसमें महिलाएं गोबर और जैविक वस्तुएं मिलाकर खाद के पैकेट्स तैयार करती हैं। पहले प्रदेश के ही अन्य जिलों खाद पहुंचाई। फिर दूसरे राज्यों से खाद की डिमांड बढ़ी। इसके बाद टीम को दक्षिण कोरिया से वर्मी कमपोस्ट का ऑर्डर मिला।

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किसानों से दो रुपए में खरीदा जा रहा गोबर

मिर्जापुर समेत आस-पास के जिलों से महिलाओं का समूह किसानों से गोबर खरीदता है। इसमें गाय भैस सभी का गोबर शामिल है। किसानों से 2 रुपए प्रति किलोग्रान को गोबर खरीदकर इसकी बनी वर्मी कंपोस्ट 40 से 60 रुपए प्रति किलोग्राम की कीमत से बेच रही है। इससे पौधों या खेतों में इस्तेमाल करने से पैदावार अच्छी हो रही है।

इन राज्यो में हो रही डिमांड

वर्मी कंपोस्ट खाद का हाल ही में दक्षिण कोरिया में निर्यात शुरू हुआ है। इसके साथ साथ देश के 10 राज्यों में भी बिक्री होती है। इनमें केरल, हिमांचल, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु आदि राज्यों में गोबर से बनी वर्मी कंपोस्ट खाद की डिमांड हो रही है। बेहतर दामों में ये राज्य गोबर से बना कंपोस्ट खरीद रहे हैं।

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किसने की प्रोजेक्ट की शुरुआत

नव चेतना और शिखर वैदिक कृषि केंद्र ने साथ मिल कर वर्मी कंपोस्ट खाद बनाने का काम किया। हर राज्य में करीब 20 कुंतल से ज्यादा वर्मी कंपोस्ट खाद को तैयार कर बाहर भेज रहे है। एक तरफ जहाँ गोबर से खाद तैयार कर पशुपालकों और किसानों की आय में वृद्धि हो रही है। वहीं, इलाक़े की आजीविका मिशन से जुड़ी महिलाओं को भी इससे रोजगार मिल रहा है। कृषि उपनिदेशक अशोक उपाध्याय ने बताया पशुपालकों से गोबर खरीदते है। उनसे दो रूपये किलो गोबर लेते है या वह खाद लेना चाहे तो खाद देते है।

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