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Mirzapur : मिली सहुलियत मण्डलीय चिकित्सालय के रक्तकेन्द्र में SDP मशीन का हुआ उद्धघाटन, जाने क्या होंगे फायदे

मेडिकल कालेज के प्राचार्य ने बताया कि SDP मशीन को एफेरेसिस मशीन या सेल सेपरेटर मशीन कहा जाता है, जो किसी एक स्वस्थ रक्तदाता के ब्लड से प्लेटलेट्स को निकालने के लिए उपयोग की जाती है, जबकि बाकी रक्त घटक उसी दाता के शरीर में वापस कर दिए जाते हैं।

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Mirzapur News: रक्तदाता के ब्लड से प्लेटलेट्स को निकालने के लिए अब वाराणसी, प्रयागराज का चक्कर नहीं कांटने होंगे, इस सुविधा से मीरजापुर का सरकारी ब्लडबैंक भी जुड़ गया है। शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन सोमवार को बाकायदा इसका शुभारंभ किया गया। इस दौरान मां विंध्यवासिनी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, मीरजापुर उत्तर प्रदेश के प्राचार्य ने फीता काटकर उद्घाटन किया। इस मौके पर विन्ध्य फाउंडेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष कृष्णानन्द हैहयवंशी ने प्रथम SDP डोनेट किया।

जाने SDP मशीन के फायदे

मेडिकल कालेज के प्राचार्य ने बताया कि SDP मशीन को एफेरेसिस मशीन या सेल सेपरेटर मशीन कहा जाता है, जो किसी एक स्वस्थ रक्तदाता के ब्लड से प्लेटलेट्स को निकालने के लिए उपयोग की जाती है, जबकि बाकी रक्त घटक उसी दाता के शरीर में वापस कर दिए जाते हैं। इस प्रक्रिया से प्राप्त प्लेटलेट्स को सिंगल डोनर प्लेटलेट्स (SDP) कहा जाता है और यह डेंगू जैसी बीमारियों में मरीजों के इलाज के लिए बहुत उपयोगी होती हैं।

रक्तकेन्द्र प्रभारी डॉ राजन कुमार ने बताया कि यह मशीन ब्लड से प्लेटलेट्स को अलग करती है। एक दाता के शरीर से रक्त लिया जाता है, जिसमें से प्लेटलेट्स को मशीन अलग कर लेती है, और बाकी रक्त वापस दाता के शरीर में भेज दिया जाता है। इस विधि से प्राप्त सिंगल डोनर प्लेटलेट्स (SDP) को मरीजों को चढ़ाया जाता है, खासकर उन मरीजों को जिन्हें डेंगू, कैंसर या अन्य गंभीर चोटों से प्लेटलेट की कमी हो जाती है। एक यूनिट SDP चढ़ाने से मरीज के प्लेटलेट्स की संख्या 50-60 हजार तक बढ़ जाती है, जो कि रैंडम डोनर प्लेटलेट्स (RDP) की तुलना में काफी अधिक है। इसलिए, SDP मशीन एक प्रकार की ब्लड कंपोनेंट सेपरेटर या प्लेटलेट एफेरेसिस मशीन है जिसका उपयोग सिंगल डोनर प्लेटलेट्स निकालने के लिए होता है। SDP दाता कृष्णानन्द हैहयवंशी ने बताया कि हमारी संस्था मीरजापुर से वाराणसी होमी भाभा कैन्सर हॉस्पिटल वाराणसी में लगभग हर माह 1 से 2 बार SDP कैम्प आयोजित करती है। सबसे पहले 2020 के लास्ट माह में होमी भाभा जाकर SDP डोनेट करके इसका अनुभव जाना तभी से SDP के डिमाण्ड की गम्भीरता से समझ कर अन्य जागरूक रक्तदातायो का भी SDP डोनेट कराया गया। जिसके बाद यह प्रकिया रूटीन हो गयी। उन्होंने बताया कि हमलोग ने ही सबसे पहले SDP मशीन डिमांड पत्र ज्ञापन मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल, CM पोर्टल एवं जिलाधिकारी को देकर किया था और आज इस मशीन में स्वंय का अगर पहला SDP हो रहा है मन अत्यंत गर्वन्तित है। बताया कि विन्ध्य फाउंडेशन ट्रस्ट में 400 रक्तदाता सदस्य हैं, जिनमें से करीब 100 से ज्यादा रक्तदाताओं ने वाराणसी जाकर SDP दान करके इस अनुभव को पा लिया है।

इस मौके पर जिला मण्डलीय चिकित्सालय के प्रमुख अधीक्षक डॉ एस के श्रीवास्तव, विनय कुमार, SDP मशीन के LT शैलेंद्र कुमार, कौंसलर माला सिंह पटेल, राहुल चंद जैन सहित अन्य रक्तकेन्द्र के कर्मचारी एवं संस्था के सदस्य उपस्थित रहे।